Indian Navy के अधिकारियों को नहीं लेनी पड़ेगी लाठी, गुलामी की इस प्रथा को जानें क्‍यों किया गया समाप्‍त

Indian Navy discontinue carrying batons: अक्‍सर आपने नौसेना के सीनियर अधिकारियों को हाथ में बंदूक के बजाय छोटा सा डंडा लेते हुए देखा होगा लेकिन अब ये आपको उनके हाथ में नजर नही आएगा। इसकी वजह है कि बिट्रिश काल से चली आ रही इस "Batons" परंपरा को भारतीय नौसेना ने समाप्‍त कर दिया है।

Indian Navy discontinue carrying batons

लाठी ले जाने की परंपरा को किया गया समाप्‍त

भारतीय नौसेना के प्रवक्‍ता ने बताया कि कि अमृत काल में इंडियन नेवी का बदले हुए स्‍वरूप में औपनिवेशिक विरासत की कोई जगह नही है। औपनिवेशिक प्रथाओं खत्‍म के महत्वपूर्ण कदम के तहत भारतीय नौसेना ने अपने कर्मियों द्वारा लाठी (Batons) ले जाने की प्रथा को बंद करने का ऐलान कर दिया है।

गुलामी काल से आ रही प्रथा को क्‍यों किया गया खत्‍म

इंडियन नेवी ने शनिवार को ये ऐलान करते हुए बताया कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा Batons ले जाने की प्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है। ब्रिटिश शासन के बाद से चली आ रही प्रथा को रोकने का यह निर्णय नौसेना के बल के विभिन्न स्तरों पर औपनिवेशिक युग के प्रभाव को खत्म करने के प्रयास का एक हिस्सा है।

डंडा लेकर नही चलना पड़ेगा

सेना की यूनिफॉर्म और कंधे पर मैडल लगाए इंडियन नेवी के अधिकारी जो हाथ में डंडा लिए नजर आते थे अब इस आदेश के बाद उन्‍हें हाथ में डंडा लेकर नही चलना पड़ेगा। इंडियन नेवी के प्रवक्‍ता ने कहा हाथ में डंडा ले जाने की प्रथा "अमृत काल की परिवर्तित नौसेना" के अनुरूप बिलकुल नही है इसलिए इसे हटाने का फैसला लिया गया है।

पीएम मोदी ने बोली थी ये सलाह

याद रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के रक्षा बलों से अपनी औपनिवेशिक प्रथाओं को छोड़ने के लिए कहा था क्योंकि देश 75 वर्षों से अधिक समय से स्वतंत्र होने के बाद अमृत काल में प्रवेश कर चुका है।

औपनिवेशिक विरासत का हुआ अंत

इंडियन नेवी के प्रवक्‍ता ने कहा हाथ में डंडा पकड़कर सत्‍ता या पावर पॉट को गर्म करने की डंडे पकड़कर सत्ता या पावर पॉट को गर्म करने का प्रतीक जो औपनिवेशिक विरासत है जो अमृत काल की परिवर्तित नौसेना में बाहर कर दिया गया है। आदेश में लिखा गया प्रोवोस्ट सहित सभी कर्मियों द्वारा लाठी ले जाना तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा।'

जानें अब कब होगा इसका इस्‍तेमाल

इस आदेश के बाद भारतीय नौसेना की प्रत्‍येक यूनिट के हेड के कार्यालय में एक औपचारिक बैटन रखने का निर्णय लिया है। केवल कमान परिवर्तन के रूप में ये इस्‍तेमाल होगा। कार्यालय के अंदर ही औपचारिक रूप से बैटन सौंपने का कार्य किया जा सकता है। याद रहे एक अधिकारी जब दूसरे अधिकारी को यूनिट की जिम्‍मेदारी सौंपता है तो इसी लाठी (Batons) को सौंपता है।

ब्रिटिश काल की प्रथाओं से मुक्ति का पहले हुआ था ये प्रयास

ब्रिटिश काल की प्रथाओं से मुक्ति पाने के लिए इससे पहले भारतीय नौसेना पहले भी कई कदम उठा चुकी है। 2022 में पिछले साल इंडिया नेवी ने बिट्रिश काल से चले जा रहे अपने फ्लैग में परिवर्तन किया था, झंडा, क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर लाल पट्टियों वाले एक सफेद झंडे को हटा दिया गया था और दो पट्टियों के स्‍थान पर भारत के प्रतीक के साथ एक नया ध्वज अपनाया गया है।VIDEO: ये सूअर बना फेमस कलाकार, लाखों में बिक रही इस 'Pigcasso' की बनाई पेन्टिंग

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