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क्या ये रानी लक्ष्मीबाई की असली तस्वीर है?

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    सोशल मीडिया पर इतिहास से जुड़े कई तथ्य और तस्वीरें वायरल होती रहती हैं. लेकिन, उनके सही होने का भ्रम हमेशा बना रहता है.

    इसी तरह झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर को एक ट्विटर हैंडल इंडियन हिस्ट्री पिक्स (@IndiaHistorypic) ने पोस्ट किया है.

    इस ट्विटर हैंडल का दावा है कि यह तस्वीर रानी लक्ष्मीबाई की उनके जीवनकाल में बनाई गई एकमात्र तस्वीर है. यह सन् 1857 में फर्रुखाबाद पैलेस पर कब्जे के दौरान मिली थी.

    जबकि यह तस्वीर जिस स्रोत से ली गई है वहां इस तरह का कोई दावा नहीं किया गया है.

    @IndiaHistorypic ट्विटर हैंडल पर इस तस्वीर का स्रोत लंदन के चेल्सी में स्थित नेशनल आर्मी म्यूजियम को बताया गया है और उससे जुड़ा एक लिंक दिया गया है.

    • इस लिंक के जरिए म्यूजियम की वेबसाइट पर जाने पर एक फ्रेम में चार तस्वीरें मिलती हैं जिन्हें नाना साहेब, कुंवर सिंह, रानी लक्ष्मीबाई और ग्वालियर की बाजीबाई बताया गया है.

      लेकिन, वेबसाइट ने इस तस्वीर के रानी लक्ष्मीबाई की एकमात्र तस्वीर होने का दावा नहीं किया है.

      इस वेबसाइट पर लिखा गया है कि यह तस्वीर एक अज्ञात भारतीय कलाकार द्वारा हाथी दांत पर पानी के रंगों से बनाई गई है. इस पर नेशनल आर्मी म्यूजियम का कॉपीराइट है.

      क्या कहते हैं इतिहासकार

      इस तस्वीर की सच्चाई पर दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हैरिटेज रिसर्च एंड मैंनेजमेंट के संस्थापक निदेशक माखन लाल कहते हैं, ''इस तस्वीर की कोई प्रमाणिकता नहीं है. ये तस्वीर रानी लक्ष्मीबाई की लग ही नहीं रही है.''

      उन्होंने कहा, ''तस्वीर का कोई रेफरेंस प्वाइंट नहीं है. कोई अगर इसकी प्रमाणिकता जांचना चाहे तो कैसे जांच सकता है. इसलिए ये तस्वीर नकली लग रही है.''

      प्रोफेसर माखन लाल ने बताया कि लक्ष्मीबाई का चेहरा और पहनावा बिल्कुल अलग था. ये तस्वीर किसी मुस्लिम शहजादी और मुस्लिम नवाब की लग रही है.

      कुछ ऐसी ही राय आधुनिक भारत के इतिहासकार सैयद इरफान हबीब रखते हैं. उन्होंने भी तस्वीर रानी लक्ष्मीबाई की होने पर संदेह जताया है.

      इरफान हबीब ने बताया, ''ये दावा किस आधार पर किया जा सकता है. ये तस्वीर म्यूजियम में आज तो आई नहीं होगी पहले से होगी. आज ये कैसे कह सकते हैं कि ये असली तस्वीर है. इसका कोई सबूत नहीं है.''

      उन्होंने कहा कि इस तस्वीर में कोई तारीख भी नहीं है. असली तस्वीर की पुष्टि कौन करेगा. किसने लक्ष्मीबाई की असली तस्वीर देखी है.

      रानी लक्ष्मीबाई, ट्विटर
      Getty Images
      रानी लक्ष्मीबाई, ट्विटर

    सोशल मीडिया की कोई प्रमाणिकता नहीं

    प्रोफेसर माखन लाल कहते हैं, ''आजकल ट्विटर और वेबसाइट की दुनिया ने सबकुछ बहुत आसान बना दिया है. जो मन आया उसको अपलोड कर दीजिए कोई जांच तो होती नहीं है. जब मन चाहा हटा भी सकते हैं.''

    उन्होंने कहा कि कई बारा ऐसा होता है कि किसी नकली तस्वीर को भी असली कहकर बेच दिया जाता है.

    इस संबंध में इरफान हबीब कहते हैं, ''आजकल एक फैशन हो गया कि इतिहास को नए सिरे से और सनसनीखेज तरीके से पेश करें. आज की जरूरत के हिसाब से उसकी व्याख्या कर दें. लोग आज के मुद्दों को छोड़कर इतिहास की तरफ भागते हैं. इतिहास में सुरक्षा ज्यादा है. इतिहास में आप कुछ भी कह दीजिए. वो ही आज हो रहा है.''

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    BBC Hindi
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    English summary
    Indian history is this the real picture of Rani Lakshmibai

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