गलवान में चीन को भारत का मुंहतोड़ जवाब, भारतीय जवानों ने भी लहराया तिरंगा
नई दिल्ली, 04 जनवरी: लद्दाख की गलवान घाटी एक बार फिर से सुर्खियों में है। हाल ही चीन ने गलवान घाटी में अपना झंड़ा फहराने का दावा करने वाला वीडियो जारी किया था। अब भारतीय सेना ने गलवान में तिरंगा फहराने का वीडियो जारी किया है। न्यू ईयर पर भारतीय जवान गलवान में तिरंगा झंडा फहराते नजर आ रहे हैं। । तस्वीरों में सेना के 30 जवान तिरंगे के साथ नजर आ रहे हैं। जवान हथियार लिए हुए हैं। एक तिरंगा भारतीय चौकी पर लहरा रहा है और दूसरा तिरंगा जवानों को हाथों में है।

चीन के वीडियो के जवाब में भारत ने जारी किया फोटो
रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना के जवानों ने नए साल की पूर्व संध्या पर गलवान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। ये ताजा घटनाक्रम खबरों के बीच आया है जिसमें दावा किया गया था कि चीनी सैनिकों ने कुछ दिन पहले इस क्षेत्र में अपना झंडा फहराया था। हाल ही में चीन मीडिया द्वारा एक वीडियो जारी किया गया था। जिसमें दावा किया गया था कि, चीनी सैनिकों ने गलवान घाटी पर चीनी झंडा फहराया है।

चीनी झंड़ा फहराने का वीडियो हुआ था वायरल
वायरल हुए वीडियो में चीनी सैनिक गलवान में अपने इलाके में चीनी ध्वज फहरा रहे हैं और राष्ट्रगान गा रहे हैं। दावा किया जा रहा है यह वीडियो नए साल का है। जिस जगह पर झंडा फहराया जा रहा है वह गलवान घाटी ही है, जहां पर सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। अब भारतीय जवानों की तस्वीरों को गलवान में चीन के दुष्प्रचार के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। तस्वीरों में सेना के 30 जवान तिरंगे के साथ नजर आ रहे हैं। जवान हथियार लिए हुए हैं। एक तिरंगा भारतीय चौकी पर लहरा रहा है और दूसरा तिरंगा जवानों को हाथों में है।
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नए साल पर भारत और चीन की सेना ने किया था मिठाई का आदान प्रदान
इससे पहले रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना और चीनी जवानों ने पश्चिमी लद्दाख में एक-दूसरे को मिठाइयां बांटीं। हॉट स्प्रिंग्स, डेमचोक, नाथूला और कोंगरा लॉ इलाके में दोनों ओर से मिठाइयों का आदान-प्रदान किया गया। चीनी वीडियो पर विवाद बढ़ने के बाद भारत ने कहा कि चीन ने गलवान घाटी के जिस इलाके में झंडा लगाया और फहराया, वो इलाका हमेशा से उसके ही कब्जे में रहा है और इस क्षेत्र को लेकर कोई नया विवाद नहीं है।

हाल में चीन अरुणाचल में 15 स्थानों के नाम बदले
इससे पहले, मीडिया ने बताया कि चीनी सरकार ने नए सीमा कानून को लागू करने से दो दिन पहले अपने नक्शे में अरुणाचल प्रदेश में 15 स्थानों के नाम बदल दिए थे। भारत सरकार ने पिछले गुरुवार को कहा कि उसने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों का नाम "अपनी भाषा में" करने का प्रयास करने की रिपोर्ट देखी है। सीमावर्ती राज्य हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहा है और रहेगा।












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