श्रीनगर में इंडियन आर्मी ने एनकाउंटर में मारा अल बद्र के मोस्ट वांटेंड आतंकी को
वर्ष 1998 में हुई थी आतंकवादी संगठन अल बद्र की स्थापना और वर्ष 2000 में भारतीय सरकार ने इसे कर दिया था बैन। कश्मीर के सोपोर का रहने वाला था आतंकवादी मुजफ्फर अहमद।
श्रीनगर। इंडियन आर्मी ने कश्मीर में आतंकवादी संगठन अल-बद्र के टॉप आतंकवादी मुजफ्फर नाइकू उर्फ मूज मौलवी को एक एनकाउंटर में मार गिराया है। शुक्रवार को उसे श्रीनगर के बाग-ए-माहताब इलाके सेना और पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में सेना ने मार गिराया है।

एक दशक से घाटी में सक्रिय था
पुलिस और सेना का कहना है कि यह आतंकवादी पिछले एक दशक से घाटी में सक्रिय था और कई बार ऑपरेशंस के दौरान यह सफलतापूर्वक भाग निकला। अल-बद्र की स्थापना वर्ष 1998 में हुई थी और वर्ष 2000 में इसे भारत सरकार ने बैन कर दिया था। जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, सीआरपीएफ और 53 राष्ट्रीय राइफल्स ने गुरुवार की देर रात एक ज्वाइंट ऑपरेशन लॉन्च किया। बाग-ए-माहताब इलाके के माछू इलाके में यह ऑपरेशन चलाया गया जहां पर आतंकी छिपा हुआ था। एक पुलिसकर्मी इस एनकाउंटर में घायल हुआ है और आर्मी की ओर से जारी बयान के मुताबिक इसके अलावा और कोई भी नुकसान नहीं हुआ है।
लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
53 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर की ओर से कहा गया है कि इस ऑपरेशन को खास इंटेलीजेंस के बाद लॉन्च किया गया था। आतंकी मुजफ्फर नाइकू को मारा गया वह मोस्ट वांटेंड आतंकी था। वह अल-बद्र के साथ जुड़ा था और वह इस आतंकी नेटवर्क को बढ़ाने की कोशिशें कर रहा था। नाइकू अल-बद्र का हिस्सा बनने से पहले लश्कर-ए-तैयबा के साथ जुड़ा था। नाइकू एक A++ कैटेगरी का आतंकी था और सोपोर के अलावा श्रीनगर से अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। वह कई हत्याओं में शामिल था और पुलिस को पिछले दो वर्षों से उसकी तलाश थी। पुलिस की तलाश तब और बढ़ गई जब सोपोर में एक साथ कई हत्याओं का मामला सामने आया। पुलिस का कहना था कि इन हत्याओं में स्थानीय आतंकियों का हाथ है और इसमें नाइकू का रोल सबसे अहम है। जब नाइकू की लाश को सोपोर लाया गया तो युवाओं के साथ सुरक्षाबलों की झड़प हुई और आंसू गैस के गोले फेंकने पड़े। कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।












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