Covid-19 Vaccine: भारत में बनेगी रूसी वैक्सीन Sputnik V, ये कंपनी तैयार करेगी 100 मिलियन डोज
नई दिल्ली। रूस में तैयार हुई कोरोना वायरस वैक्सीन स्पुतनिक वी का बहुत जल्द भारत में उत्पादन शुरू हो जाएगा। रूसी डायरेक्ट इंवेस्टमेंट फंड और भारत की हैदराबाद स्थित हेटेरो बायोफार्मा ने स्पुतनिक V वैक्सीन के भारत में प्रति वर्ष 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक खुराक का उत्पादन करने पर सहमति व्यक्त की है। कोरोना वायरस की संभावित वैक्सीन स्पुतनिक वी का उत्पादन 2021 में शुरू करने का इरादा है। भारत में यह दूसरी ऐसी वैक्सीन है जिसकी इतनी ज्यादा डोज बनाने की डील हुई है।

भारत समेत कई देशों में चल रही है तीसरे चरण का ट्रायल
मॉस्को के गामलेया रिसर्च इंस्टिट्यूट की बनाई इस वैक्सीन को एडेनोवायरस के आधार पर बनाए गए पार्टिकल्स का यूज करके बनाया गया है। वहां के प्रमुख एलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने कहा कि 'जो पार्टिकल्स और ऑब्जेक्ट्स खुद की कॉपीज बना सकते हैं, उन्हें जीवित माना जाता है।' उनके मुताबिक, वैक्सीन में जो पार्टिकल्स यूज हुए हैं, वे अपनी कॉपीज नहीं बना सकते। वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण बेलारूस, यूएई, वेनेजुएला और अन्य देशों में चल रहा है।
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स्पुतनिक वी कोविड -19 वैक्सीन कोरोनवायरस के खिलाफ दुनिया का पहला मेडिकली एप्रूव्ड वैक्सीन है
आरडीआईएफ ने कहा कि भारत में दूसरे चरण और तीसरे चरण का परीक्षण चल रहा है। स्पुतनिक वी का देश में फेज 3 ट्रायल डॉ रेड्डी लैबोरेटरीज कर रही है। स्पुतनिक वी कोविड -19 वैक्सीन कोरोनवायरस के खिलाफ दुनिया का पहला मेडिकली एप्रूव्ड वैक्सीन है। गेमालेया सेंटर के विशेषज्ञों ने डबल-ब्लाइंड, रैंडम, प्लेसबो-कंट्रोल फेज 3 डायग्नोस्टिक ट्रायल के बाद स्पुतनिक वी वैक्सीन के ज्यादा असरदार होने की पुष्टि की है।

स्पुतनिक वी वैक्सीन 95% असरदार होने का दावा
रूस में बनी स्पुतनिक वी वैक्सीन 95% असरदार होने का दावा करती है। नतीजों के आधार पर यह फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन के समकक्ष मानी जा रही है। किरिल ने कहा कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच रखा जा सकता है, जो कि इसके वितरण में अहम रहेगा। रूसी अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से रूस द्वारा दिसंबर में दूसरे देशों को स्पुतनिक V वैक्सीन सीमित मात्रा में मुहैया कराई जाएगी, जबकि जनवरी 2021 में अन्य देशों में प्रमुखता से इसका वितरण किया जाएगा। यह दुनिया की सबसे सस्ती वैक्सीन में से एक होगी। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 10 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 740 रुपये से भी कम होगी। समान प्रभावी क्षमता वाली वैक्सीनों के मुकाबले इसकी कीमत लगभग आधी है। फाइजर की वैक्सीन इससे दोगुनी और मॉडर्ना की तीन गुनी महंगी है।












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