5,000 किमी रेंज वाली अग्नि 5 टेस्ट में पास , 20 मिनट में तबाह हो सकता है बीजिंग
बालासोर। शनिवार को भारत ने डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल किया जब उसने बालासोर तट से 5,000 किमी वाली अग्नि 5 मिसाइल का सफल परीक्षण कर डाला। इस मिसाइल के सफल टेस्ट के साथ ही भारत दुनिया का पांचवा ऐसा देश बन गया है जिसके पास इंटर कॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) है। नई दिल्ली और बीजिंग की दूरी 3,778 किमी है। चीन के साथ ही भारत को आंख दिखाने वाले दूसरे देशों को यह साफ संदेश है कि अगर आंख दिखाई तो सिर्फ कुछ मिनटों में उनका नाम खाक में मिल सकता है।

अमेरिका, चीन और रूस के बराबर भारत
अग्नि 5 भारत की पहली इस तरह की मिसाइल है जो आईसीबीएम है और जिसकी रेंज 5,000 किमी तक है। भारत से पहले अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के पास यह मिसाइल टेक्नोलॉजी है।
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान राजपथ पर परेड में इस मिसाइल को झांकी का हिस्सा बनाने का फैसला भारत ने आखिरी क्षणों में वापस ले लिया था। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर खास मेहमान उसमें शिरकत की थी। सूत्रों की मानें तो भारत नहीं चाहता था कि अमेरिका उसकी इस एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी से रूबरू हो।
क्या है खासियतें
- डीआरडीओ ने 4 साल में इस मिसाइल को बनाया है।
- इस पर करीब 50 करोड़ रुपए की लागत आई है।
- इस मिसाइल का वजन 50 टन और इसकी लंबाई 17.5 मीटर है।
- यह एक टन का परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
- सिर्फ 20 मिनट में यह मिसाइल 5,000 किमी की दूरी तय कर सकती है।
- चीन और यूरोप के सभी ठिकाने इस मिसाइल की पहुंच में है।
- अग्नि-5 दुश्मनों के सैटेलाइट नष्ट करने में भी उपयोगी है।
- इससे पहले इस मिसाइल का दो बार सफल परीक्षण किया जा चुका है।
- 19 अप्रैल, 2012 को इसका पहला सफल परीक्षण किया गया था।
- 15 सितंबर, 2013 को दूसरा सफल परीक्षण किया गया।
- इस बार इसे खास तरह के कनस्तर के सहारे लॉन्च किया गया।
- सिर्फ प्रधानमंत्री के आदेश के बाद ही इस मिसाइल को छोड़ा जा सकता है।












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