'सारे जहां से अच्छा', Shubhanshu Shukla आज भरेंगे ISS से धरती के लिए उड़ान, भावुक हो कर देश के लिए क्या कहा?
Shubhanshu Shukla: देश के इतिहास में आज का दिन एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, अब पृथ्वी पर वापसी के लिए तैयार हैं। 18 दिन तक अंतरिक्ष में बिताकर उन्होंने न केवल वैज्ञानिक शोधों में हिस्सा लिया, बल्कि भारत का नाम भी वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर और ऊंचा किया।
उनकी वापसी को लेकर लखनऊ स्थित उनके परिवार में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। उनकी मां ने भगवान शिव की आराधना कर उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की है। वहीं बहन ने बताया कि घर में उसी तरह का उत्साह है जैसा शुभांशु के अंतरिक्ष में जाने के दिन था। पिता ने कहा कि अभी उनके लखनऊ लौटने की तारीख तय नहीं है, लेकिन सभी की दुआएं उनके साथ हैं।

देश के लिए गर्व का क्षण एक बार फिर करीब है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने, आज 14 जुलाई को अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होने वाले हैं। उन्होंने Axiom-4 (Ax-4) मिशन के तहत करीब 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए हैं। नासा के मुताबिक, भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे हच बंद करने की प्रक्रिया शुरू होगी और करीब 4:30 बजे ISS से अनडॉकिंग होगी।
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धरती पर वापसी की पूरी होगी 22.5 घंटे की यात्रा
अनडॉकिंग के बाद, Ax-4 क्रू स्पेसएक्स के ड्रैगन ग्रेस स्पेसक्राफ्ट से धरती की ओर लौटेगा। 22.5 घंटे की यात्रा के बाद, मंगलवार 15 जुलाई को दोपहर 3 बजे के आसपास प्रशांत महासागर में कैलिफोर्निया तट के पास उनका स्प्लैशडाउन होगा। इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण NASA+, axiom.space/live और स्पेसएक्स की वेबसाइट पर किया जाएगा।
"आज का भारत अंतरिक्ष से भी बेहतर दिखता है"
ISS से अपनी विदाई भाषण में शुभांशु शुक्ला ने भावुक अंदाज में कहा, "आज का भारत अंतरिक्ष से महत्वाकांक्षी दिखता है, निडर दिखता है, आत्मविश्वास से भरा और गर्व से पूर्ण दिखता है। इसीलिए आज भी मैं कह सकता हूं,'आज का भारत अब भी सारे जहां से अच्छा दिखता है।'" उन्होंने ISRO, NASA, Axiom Space और SpaceX को धन्यवाद दिया और इस मिशन को "विश्वभर के प्रोफेशनल्स के साथ काम करने का अद्भुत अनुभव" बताया।
Ax-4 क्रू और मिशन की खास बातें
इस मिशन में कुल चार अंतरिक्षयात्री शामिल थे, कमांडर पेगी व्हिटसन, पायलट शुभांशु शुक्ला (ISRO), पोलैंड के स्लावोश उज़नांस्की-विस्निएव्स्की (ESA) और हंगरी के तिबोर कपु (HUNOR)। इस मिशन के दौरान इन सभी ने अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक प्रयोगों और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लिया। मिशन के दौरान करीब 580 पाउंड सामग्री और 60 से अधिक प्रयोगों के डेटा को धरती पर वापस लाया जाएगा।
लखनऊ में परिवार की आंखें नम, लेकिन दिल गर्व से भरा
शुभांशु शुक्ला के परिवार में इस ऐतिहासिक पल को लेकर उत्साह और भावनाएं चरम पर हैं। लखनऊ में उनकी मां आशा शुक्ला ने कहा, "हम बहुत उत्साहित हैं, आज भगवान शिव का दिन है। हमने सुबह मंदिर जाकर अभिषेक किया और अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की।"
#WATCH | The Axiom-4 mission, featuring Group Captain Shubhanshu Shukla, is set to undock from the International Space Station today, July 14th.
In Lucknow, Uttar Pradesh, his mother Asha Shukla says, "We are filled with excitement. We feel great knowing our child is coming back… pic.twitter.com/LMctLrtFmG
— ANI (@ANI) July 14, 2025
बहन शुचि मिश्रा ने कहा, "आज वही भावनाएं लौट आई हैं जो उसके मिशन पर जाने के दिन थीं। हर दिन हम भगवान से उसकी सलामती की दुआ करते रहे। आज हम बहुत खुश हैं।"
पिता शंभु दयाल शुक्ला ने कहा, "अभी साफ नहीं है कि वह लखनऊ कब आएंगे। मेडिकल जांच के बाद ही तय होगा। हम यही प्रार्थना कर रहे हैं कि वह सुरक्षित लौटें।"
#WATCH | The Axiom-4 mission, featuring Group Captain Shubhanshu Shukla, is set to undock from the International Space Station today, July 14th.
In Lucknow, Uttar Pradesh, his father, Shambhu Dayal Shukla, says, "There is no clarity on his return to Lucknow. After the mission,… pic.twitter.com/mtOHkA8rVQ
— ANI (@ANI) July 14, 2025
'भारतीय वैज्ञानिकों के बनाए किट से शुभांशु ने किए अनोखे प्रयोग'
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आज शाम करीब 4:30 बजे शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि शुभांशु द्वारा वहां किए गए जीवन विज्ञान और पौधों से जुड़े प्रयोगों में इस्तेमाल हुए किट पूरी तरह भारत में बनाए गए थे।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "आज शाम लगभग 4:30 बजे, इन्हें अनडॉक किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि शुभ्रांशु ने वहाँ जो प्रयोग किए हैं, जीवन विज्ञान या वृक्षारोपण से संबंधित, उसके लिए किट हमारे जैव प्रौद्योगिकी विभाग और हमारे संस्थानों जैसे भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर और आईआईटी से उपलब्ध कराए गए थे... स्वदेशी किट, स्वदेशी प्रयोग, स्वदेशी लोगों द्वारा किए गए, जिनका लाभ दुनिया के अन्य देश उठाएंगे और उनका उपयोग करेंगे... ये सारे प्रयोग आज तक कभी कल्पना भी नहीं की गई थी। भारत की पहल पर, शुभ्रांशु ने ये पूरी दुनिया के लिए किया है... पहली बार, भारतीय मूल के प्रयोग किसी भारतीय व्यक्ति द्वारा दुनिया के लिए किए गए हैं..."
#WATCH | The Axiom-4 mission, featuring Group Captain Shubhanshu Shukla, is set to undock from the International Space Station today, July 14th.
Union Minister Jitendra Singh says, "Today at around 4:30 PM, they will be undocked. The most important thing is that the experiments… pic.twitter.com/p9xZ8IgDSO
— ANI (@ANI) July 14, 2025
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