पहले सी130 अब आकाश मिसाइलें, यानी चीन को टेंशन देकर चैन से रहेगा भारत
बैंगलोर (ऋचा बाजपेयी)। पहले सुखोई फिर हरक्यूलिस सी-130 जे और अब आकाश मिसाइल की तैनाती, साफ है कि भारत चीन को कड़ी चुनौती देने को तैयार हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारत ने पिछले दिनों पाकिस्तान के साथ 25 अगस्त को होने वाली सचिव स्तर की वार्ता को भी कैंसिल कर दिया।
आखिर भारत अपने पड़ोसियों को क्या संदेश देना चाहता है। पिछले 10 वर्षों से जो भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों को लेकर शांत था, उसके तेवर अचानक से तल्ख हो गए हैं। निश्चित तौर पर भारत के इस रवैये से चीन टेंशन में आ जायेगा, वहीं भारत चैन से रह सकेगा।
सिर्फ शुरुआत है आकाश मिसाइल की तैनाती
वर्ष 2013 में भारतीय सीमा में चीन की सबसे बड़ी घुसपैठ का पता उस समय लगा जब लद्दाख के डेपसांग में चीनी सैनिकों के टेंट नजर आए। इसके बाद से अब तक चीन की ओर 300 से ज्यादा घुसपैठ की घटनाओं का अंजाम दिया जा चुका है। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक इस घटना के बात से ही सेना अक्सर चीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की वकालत करती थी लेकिन उसकी बात को अनसुना कर दिया जाता था।
अब नई सरकार के साथ ही सेना के अंदर नया जोश आया है। हो सकता है कि अगले कुछ दिनों के अंदर रक्षा मंत्रालय कुछ बड़ी कार्रवाई चीन के खिलाफ करे। सूत्रों की मानें तो लगातार घुसपैठ की घटनाओं के बाद अब चीन को संदेश देने का समय है कि भारतीय सेनाएं ताकतवर है और वह उसके किसी भी चैलेंज का सामना करने को पूरी तरह से तैयार हैं।
जरूरी है यह कदम
रिटायर्ड एयर मार्शल बीके पांडेय की मानें तो यह काफी पहले होना चाहिए था। हमारा सारा ध्यान पाकिस्तान और उससे सटी सीमाओं पर रहता है लेकिन हकीकत है कि चीन की सीमा भी कम खतरनाक नहीं है। उन्होंने कहा, 'कुछ हद तक यह बात सही है कि चीन एक शांत पड़ोसी है लेकिन उसकी शांति तूफान के आने का सुबूत होती है। आप इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि चीन रक्षा क्षेत्र से जुड़े जितनी भी टेक्नोलॉजी को डेवलप करता है, उसके बारे में दुनिया को तभी पता लग पाता है, जब तक वह पूरी तरह से डेवलप नहीं हो जाती। ऐसे में कहीं न कहीं भारत को भी यह संदेश देना होगा कि वह भी काफी मजबूत है और अपनी सीमाओं की रक्षा करने में बेहतरी से सक्षम है।'
चीन के हौसलों को पस्त करने वाला कदम
रिटायर्ड कर्नल आरडी बाली की मानें तो चीन और पाकिस्तान जैसे देशों ने पिछले 10 वर्षों की चुप्पी को भारत की बेवकूफी समझा और इसलिए उनके हौसले काफी बढ़ गए थे। पिछले दिनों जब पाक से बातचीत न करने का फैसला किया गया तो कहीं न कहीं यह बात तय थी कि भारत चीन को भी इस तरह का संदेश देने के लिए तैयार हो रहा है।
आकाश मिसाइल की तैनाती और पाक से बातचीत बंद करने का फैसले से साफ है कि अब भारत कोई भी हरकत हल्के में नहीं लेगा। साथ ही वह चीन को यह संदेश भी देना चाहता है कि अगर वह पाकिस्तान के साथ बातचीत बंद कर सकता है तो चीन के खिलाफ भी बड़ा एक्शन लेने में पूरी तरह से सक्षम है।













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