आतंकियों के खात्मे के लिए एलओसी पार करने से नहीं हिचकेगा भारत
नई दिल्ली। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकियों की घुसपैठ करता रहेगा तो फिर भारत एलओसी को पवित्र मानना छोड़ देगा। भारत ने भी इसका इशारा सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए इसका इशारा पाकिस्तान को दे दिया है। 29 सितंबर को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जहां भारत ने पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया है तो वहीं दुनिया को भी बता दिया है कि वह भारत को कमजोर न आंके।

भारत ने बदल लिया है अपना रुख
वर्तमान समय में पाकिस्तान के लिए भारत का नजरिया वर्ष 1999 से अलग है। कारगिल की जंग ने पाक को एलओसी का सम्मान करने पर मजबूर कर दिया था। उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने कहा था कि सीमाओं पर खून नहीं बहना चाहिए।
भारत बदल रहा है रक्षात्मक रवैया
अब सूत्रों की मानें तो भारत काफी हद तक अपनी सोच को बदल चुका है। हर बार परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तान के लिए भारत अपनी रक्षात्मक रणनीति में सुधार कर रहा है।
पाक की ओर से भी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद लगातार घुसपैठ की घटनाओं में झेलम को नाव से पार कर आतंकियों ने किया पंपोर में हमलाइजाफा हुआ है। सीमा पर लगातार फायरिंग जारी है। शुक्रवार की रात को हंदवाड़ा में घुसपैठ की तीन कोशिशें हुईं।
बड़ी आतंकी वारदात की कोशिश
पिछले हफ्ते भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल ने पाक एनएसए नसीर जंजुआ से फोन पर बात की। लेकिन सरकार के उच्च पदस्थ सूत्र मानते हैं कि पाकिस्तान आने वाले हफ्तों में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दे सकता है।
अगले माह तय होगा बहुत कुछ
पाक में अगले वर्ष सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ का कार्यकाल खत्म होने वाला है। भारत आने वाले दिनों में इस पर कड़ी नजर रखे हुए है। अगर पाक जनरल का कार्यकाल बढ़ाया जाता है तो इसका मतलब है कि पाक भारत के साथ सैन्य संघर्ष को बढ़ाने की ख्वाहिश रखता है।












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