जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले को भारत ने यूएन में उठाया, आतंकी हमले के लिए UAV का हो रहा इस्तेमाल
नई दिल्ली, 29 जून। जम्मू में जिस तरह से एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन के जरिए विस्फोट किया गया उसके बाद इस मामले को भारत ने युनाइटेड नेसंश में उठाया है। यूएन की जनरल एसेंबली में भारत ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि आतंकी गतिविधियों के लिए रणनीतिक और व्यवसायिक ठिकानों पर निशाना बनाने के लिए हथियारबंद ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बता दें कि 27 जून को जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन के जरिए दो ब्लास्ट किए गए। एक धमाका बिल्डिंग की छत पर हुआ था, जबकि दूसरा विस्फोट खुले मैदान में हुआ था, हमले में दो सुरक्षाकर्मियों को मामूल चोट आई है। पिछले दो दिनों में लगातार कई बार ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षाकर्मी अलर्ट पर हैं।
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एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से हमला
घाटी में पहला ड्रोन रविवार रात11.45 बजे देखा गया था, जबकि दूसरा ड्रोन रात में 2.40 बजे देखा गया। यह ड्रोन मिलिट्री स्टेशन के इलाके में देखा गया। गौर करने वाली बात है कि 2002 में भी यहीं पर आतंकी हमला किया था, जिसमे 31 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमे 10 बच्चों की भी मौत हो गई। यह पहली बार है कि भारतीय वायुसेना पर ड्रोन के जरिए हमला किया गया है। इस बात की आशंका जताई जा रही है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान के आतंकी हैं, जो देश के अहम सैन्य ठिकानों पर ड्रोन के जरिए निशाना बना रहे हैं।
आतंकी हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल चिंताजनक
गृह मंत्रालय के विशेष सचिव वीएसके कौमुदी ने यूएन में कहा कि आतंकी गतिविधि और प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया, इंटरनेट का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। गलत तरह से नए भुगतान के माध्यम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा ड्रोन के इस्तेमाल पर भी उन्होंने चिंता जताई। ये ड्रोन कम कीमत के होते हैं और आसानी से उपलब्ध हैं इसी वजह से इसका इस्तेमाल आतंकी खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने यूएन के सदस्य देशों से इस तरह के ड्रोन हमलों को गंभीर बताते हुए इसे गंभीरता से लेने की अपील की। हम अपने देश में सीमा पार से इस तरह के ड्रोन का इस्तेमाल आतंकियों की तरफ से देख रहे हैं।
एकजुट होने की जरूरत
आतंक के खिलाफ भारत ने दुनियाभर के देशों से एकजुट होने को कहा। कौमुदी ने कहा कि अगर अलग-अलग देश आतंक के खिलाफ अलग रणनीति रखेंगे तो इससे हममे विभाजन होगा और आतंक के खिलाफ हमारी लड़ाई कमजोर पड़ेगी। गौर करने वाली बात है कि आज एक बार फिर से जम्मू में ड्रोन देखा गया है, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी अलर्ट पर हैं। गृह मंत्रालय ने भी एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले की जांच एनआईए को सौप दी है।












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