भारत ने टॉप लेवल पर उठाया गलत नक्शे का मामला, WHO ने भी दी सफाई
नई दिल्ली, 31 जनवरी: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा दिखाया। जिसको लेकर देश में राजनीति जारी है। रविवार को टीएमसी सांसद डॉ. शांतनु सेन ने इसको लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा था। साथ ही मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके एक दिन बाद सोमवार को बजट सत्र शुरू होते ही ये मामला सदन में उठा। जिस पर भारत सरकार ने कहा कि उसकी ओर से उच्च स्तर पर इस मामले को WHO के सामने उठाया जा रहा है।

दरअसल नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक लिखित सवाल में पूछा कि क्या WHO की वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा यानी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग रंग से चित्रित किया है? अगर हां तो क्या भारत सरकार ने इस संबंध में कोई विरोध दर्ज करवाया? इस सवाल के लिखित जवाब में विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की वेबसाइट पर भारत के नक्शे के गलत चित्रण का मुद्दा WHO के साथ उच्चतम स्तर पर दृढ़ता से उठाया गया है।
मंत्री ने आगे कहा कि डब्ल्यूएचओ ने जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन को सूचित किया है कि उन्होंने पोर्टल पर एक डिस्क्लेमर डाला है, जिसमें कहा गया कि इन सामग्रियों को नियोजित करने और प्रस्तुत करने का मतलब डब्ल्यूएचओ की ओर से किसी भी राय की अभिव्यक्ति नहीं है। नक्शे पर दर्शाए गए डॉट और डैश लाइनें किसी देश की सीमाओं का अनुमान मात्र हैं, जिसके संबंध में हो सकता है कि पूर्ण सहमति ना हो। मंत्री ने आगे कहा कि WHO के इस जवाब के बाद भी भारत सरकार की स्थिति को स्पष्ट शब्दों में दोहराया गया है।
सेन ने कही थी ये बात
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डॉ. शांतनु सेन ने आरोप लगाया कि WHO अपनी साइट पर जम्मू-कश्मीर के हिस्से को चीन और पाकिस्तान का दिखा रहा है। सेन ने पीएम को लिखा कि जब मैंने WHO की साइट पर क्लिक किया, तो एक वर्ल्ड मैप खुलकर आया। जब मैंने भारत को जूम किया तो जम्मू और कश्मीर दो अलग-अलग रंग का दिख रहा था। सांसद के मुताबिक जब उन्होंने बड़े हिस्से पर क्लिक किया तो उसमें पाकिस्तान से संबंधित डेटा था, जबकि छोटे हिस्से में चीन का डेटा दिखाया गया।












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