India-Pak Tension: CAIT ने किया तुर्की और अजरबैजान का व्यापारिक बहिष्कार, भारत का समर्थन न करने पर लिया फैसला
India-Pak Tension: पाकिस्तान के प्रति तुर्की और अजरबैजान के खुले समर्थन के विरोध में भारत ने अब आर्थिक मोर्चे पर कड़ा कदम उठाया है। ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन (CAIT) ने शुक्रवार, 16 मई को तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी व्यापारिक संबंधों को समाप्त करने की घोषणा की।
यह निर्णय राजधानी दिल्ली में व्यापारिक नेताओं के एक राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान लिया गया। इसकी जानकारी CAIT के महासचिव और भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने दिया।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने सम्मेलन के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, "आज व्यापारिक नेताओं की बैठक में सामूहिक रूप से यह निर्णय लिया गया है कि भारत के व्यापारी तुर्की और अजरबैजान के साथ किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं करेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इन दोनों देशों ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया है।"
India-Pak Tension: तुरंत प्रभाव से आयात-निर्यात बंद
BJP सांसद खंडेलवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह बहिष्कार तत्काल प्रभाव से लागू होगा और भारत से तुर्की और अजरबैजान के बीच किसी भी प्रकार का आयात या निर्यात नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हमने भारत के फिल्म उद्योग से भी अनुरोध किया है कि वे तुर्की और अजरबैजान में फिल्म या विज्ञापन की शूटिंग न करें। यदि कोई कंपनी वहां जाकर अपने उत्पाद का विज्ञापन शूट करती है, तो हम उस कंपनी का भी बहिष्कार करेंगे।"
सम्मेलन में चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के सदस्यों ने भी भाग लिया और तुर्की व अजरबैजान से व्यापार बंद करने की शपथ ली। साथ ही यह भी प्रण लिया कि वे इन देशों की यात्रा भी नहीं करेंगे।
इस कड़े फैसले पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने CAIT की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारे सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों के प्रति सम्मान और समर्थन का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बहिष्कार "Make in India" को मजबूती देने में भी सहायक होगा।
India-Pak Tension: पर्यटन के जरिए भी दबाव बनाने की रणनीति
बता दें कि इससे पहले 14 मई को CAIT ने व्यापारियों और आम नागरिकों से भी अपील की थी कि वे तुर्की और अजरबैजान की यात्रा पूरी तरह से बहिष्कृत करें। BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यदि भारतीय पर्यटक इन देशों की यात्रा नहीं करेंगे, तो इससे इन देशों की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ेगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बताया कि 2024 में लगभग 3 लाख भारतीय पर्यटक तुर्की गए थे, जो कि 2023 की तुलना में 20.7% अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय पर्यटक औसतन ₹81,000 खर्च करता है, जिससे तुर्की को अकेले भारतीय पर्यटकों से $291.6 मिलियन (लगभग ₹2,400 करोड़) का सीधा लाभ हुआ। इस प्रकार बहिष्कार से तुर्की को इसी अनुपात में आर्थिक नुकसान हो सकता है।
CAIT ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु को भी पत्र लिखा है, जिसमें IndiGo और Turkish Airlines के बीच कोडशेयरिंग समझौते को पुनः समीक्षा कर रद्द करने की मांग की गई है।
India-Pak Tension: चीन के बाद अब तुर्की और अजरबैजान का बॉयकॉट
गौरतलब है कि CAIT पिछले कई वर्षों से चीनी उत्पादों के बहिष्कार का अभियान चला रही है, जिसने देशभर में अच्छी-खासी पकड़ बनाई है। अब वही रणनीति तुर्की और अजरबैजान पर लागू की जा रही है। CAIT का यह निर्णय केवल व्यापारिक पहल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनयिक और सामरिक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।
भारत अब केवल कूटनीतिक माध्यम से नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव के जरिए भी उन देशों को स्पष्ट संदेश दे रहा है जो पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। यह बहिष्कार अभियान आने वाले दिनों में और भी व्यापक रूप ले सकता है, जिसमें फिल्म, पर्यटन, व्यापार और सार्वजनिक मंचों से इन देशों को अलग-थलग करने की कोशिश की जाएगी।












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