पाकिस्तान में सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर भारत ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर-पख्तूंख्वा क्षेत्र में सिखों के जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। पाकिस्तान के हंगू जिले के सिख समुदायों का आरोप है कि वहां की स्थानीय सरकारी अधिकारी उन्हें जबरन अपना धर्म बदलने का दबाव डाल रही है। इस घटना के बाद भारत सरकार भी हरकत में आई है और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले को लेकर पाकिस्तान सरकार से एक उच्च स्तरीय बातचीत करेगी। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी ट्वीट के जरिए सुषमा स्वराज को इस मामलों को गंभीरता से लेने को कहा है।

पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी खबर के मुताबिक, हंगू में रह रहे सिख समुदाय के लोगों ने डिप्टी कमीश्नर से शिकायत की थी, असिस्टेंट कमीश्नर याकूब खान जबरदस्ती हमें इस्लाम धर्म अपनाने को लेकर दबाव डाल रहे हैं। शिकायतकर्ता फरीद चंद सिंह ने कहा कि अगर ऐसा कोई सामान्य व्यक्ति कहता तो अपमानित करने वाला नहीं होता। लेकिन जब किसी सरकारी अधिकारी से ऐसी चीजें सुनें तो यह गंभीर मामला हो जाता है। सिंह ने आरोप लगाया कि उनके समुदाय को प्रताड़ित किया जा रहा है।
वहीं, हंगू प्रांत के डिप्टी कमीश्नर शाहिद महमूद इस मामले को गंभीरता से नहीं लेते हुए कह रहे हैं कि धर्म परिवर्तन को लेकर ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्म की आजादी को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सुनिश्चित है।
मामला मीडिया में आने के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि इस मामले को हम पाकिस्तान सरकार के साथ हाई लेवल पर ले जाएंगे। वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि सुषमा स्वराज जी से आग्रह है कि पाकिस्तान के साथ इस मामले को उठाएं। हम सिख समुदाय को इस तरह से पीड़ित होने नहीं दे सकते हैं। सिख पहचान के संरक्षण में मदद करना हमारा कर्तव्य है और विदेश मंत्रालय को उच्चतम स्तर पर उठाना चाहिए।
वहीं, बुधवार को गृहराज्य मंत्री हंसराज अहीर ने पाकिस्तान में सिखों के धर्मांतरण मामले पर कहा कि ये हमारा कर्तव्य है कि हम उनको सुरक्षा उपलब्ध करवाएं।












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