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इंडो-चाइना रिलेशन: जानिए, नेहरू से लेकर मोदी तक चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ताओं का सफर

By Amit J
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    नई दिल्ली। भारत और चीन के द्विपक्षीय रिश्तों को व्यापक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के वुहान शहर पहुंच कर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की है। पिछले साल डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों ही देशों के बीच कई बैकडोर टॉक हुई, लेकिन चीन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की यह मुलाकात बहुत अहम मानी जा रही है। दोनों ही देश के नेता सीमा वार्ता, व्यापार और आतंकवाद से लेकर कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से लेकर नरेंद्र मोदी तक चीन के बीच कई द्विपक्षीय वार्ता कर चुके हैं। आइए एक नजर डालते हैं।

    1950 में चीन को कम्युनिस्ट नेशन के रूप में स्वीकार

    1950 में चीन को कम्युनिस्ट नेशन के रूप में स्वीकार

    दुनिया में भारत ही पहला नॉन-कम्युनिस्ट मुल्क था, जिसने 1950 में एक कम्युनिस्ट नेशन के रूप में चीन के अस्तित्व को स्वीकार किया था। एक नॉन-कम्युनिस्ट मुल्क के रूप में भारत ने ही चीन के साथ सबसे पहले चीन के साथ द्विपक्षीय रिश्ते स्थापित किए थे। 1962 के युद्ध दोनों ही देशों के रिश्ते पटरी से उतर गए थे, लेकिन 1988 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बीजिंग जाकर टेंशन खत्म कर फिर से भारत-चीन के रिश्तों को बहाल करने में प्रमुख भूमिका निभाई।

    निरसिम्हा राव और वाजपेयी की चीन यात्रा

    निरसिम्हा राव और वाजपेयी की चीन यात्रा

    1993 में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और चीन के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने चीन की यात्रा कर दोनों ही देशों के बीच स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए नई पहल की। उसके बाद 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने चीन का दौरा कर आपसी सहमती से सीमा समझौते का राजनीति ढंग से हल ढूंढने के लिए दोनों तरफ से विशेष प्रतिनिधियों को नियुक्त किया।

    चीन में मनमोहन सिंह का 21वीं शताब्दी पर विजन

    चीन में मनमोहन सिंह का 21वीं शताब्दी पर विजन

    2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने चीन का दौरा किया, जहां एक ज्वॉइंट डॉक्यूमेंट टाइटल में 21वीं सदी का विजन शेयर किया। दिसंबर 2010 में चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने नई दिल्ली का दौरा कर, 2015 तक दोनों देशों के बीच 100 बिलियन डॉलर व्यापार के टारगेट तय किया। वहीं, डिफेंस एक्सचेंज की बात की जाए तो जनवरी 2013 में दोनों देशों के बीच फाइव राउंड डिफेंस डायलॉग संपन्न हुई।

     शी-मोदी वार्ता और 4 साल

    शी-मोदी वार्ता और 4 साल

    2014 में, वर्तमान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत का दौरा किया और दोनों ही देशों के बीच वाणिज्य, व्यापार, रेलवे, अंतरिक्ष सहयोग, फार्मास्यूटिकल्स, ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन, संस्कृति और इंडस्ट्रियल पार्कों की स्थापना सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुल 16 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। हाल ही के बैठकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जी-20 शिखर सम्मेलन और सितंबर 2017 में जियामेन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 2017 में चीन का दौरा किया था।

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    English summary
    India-China Ties: Bilateral Talk from jawaharlal Nehru To Narendra Modi, All You Need To Know

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