India China Tension: माइक पोम्पियो ने की विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात
नई दिल्ली। लद्दाख की गलवान घाटी में बीते 15 जून को चीनी सैनिकों और भारतीय जवानों के बीच हुई झड़प के बाद से एलएसी पर तनाव का माहौल बना हुआ है। विवाद सुलझाने के लिए भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता भी हो चुकी है लेकिन अभी तक स्थिति सही नहीं हुई है, इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक लेह पहुंचे और सैनिकों से बात कर उनका हौंसला बढ़ाया तो वहीं एलएसी पर चीन के आक्रामक व्यवहार के खिलाफ अमेरिका भी इंडिया के साथ खड़ा है।
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ऐसी खबर है कि भारत और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर चीन की ओर से की जा रही हरकत पर लंबी बातचीत हुई है, इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक करीब 10 दिन पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइकल आर. पोम्पियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को फोन किया था और दोनों के बीच चीन की हरकत पर लंबी बातचीत हुई थी।

इससे पहले अमेरिकी कांग्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत के साथ जारी चीन के टकराव पर बड़ी बात कही थी, अमेरिकी कांग्रेस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने भारत के खिलाफ आक्रामक नीति को और तेजी से आगे बढ़ाया है। चीन ने एलएसी पर उन प्रयासों को भी रोक दिया जिनके जरिए शांति बहाल हो सकती है। यूएस कांग्रेस की तरफ से बनाए गए एक कमीशन की आई रिपोर्ट सारे क्षेत्रों में जारी चीन की आक्रामकता के बीच जारी की गई है।
चीनी ऐप्स पर प्रतिबंधन सही फैसला: पोम्पिओ
मालूम हो किए अमेरिका ने खुले तौर पर चीन के खिलाफ बयान दे रहा है, इससे पहले भारत में 59 चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के भारत सरकार के फैसले का भी उसने समर्थन किया था। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बुधवार को (1 जुलाई) को कहा कि चीनी ऐप की सफाई के लिए भारत ने जो तरीका अपनाया है वो देश की संप्रभुता को बढ़ाने का काम करेगी। इसके साथ ही भारत की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी इजाफा होगा।












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