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India China tension: गलवान घाटी में हिंसा के बाद भारत को मिला सबसे पुराने साथी रूस का साथ, पुतिन ने दिया मजबूत समर्थन

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नई दिल्‍ली। भारत का छह दशक पुराना साथी रूस पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना की तरफ से हुई हिंसा के बाद इंडियन आर्मी के मजबूत समर्थन में आ गया है। गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात की थी। इस बातचीत में रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि हर मुश्किल घड़ी में वह दिल्‍ली के साथ खड़ा है। सूत्रों के मुताबिक रूस ने भारत की ओर उन कोशिशों का भी समर्थन किया है जिसके तहत चीन के साथ तनाव को सुलझाया जा रहा है।

    India China Tension: भारत को मिला Russia का साथ, Vladimir Putin ने दिया समर्थन | वनइंडिया हिंदी

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    23 जून को मॉस्‍को जा रहे हैं रक्षा मंत्री

    23 जून को मॉस्‍को जा रहे हैं रक्षा मंत्री

    बुधवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने भारत में रूस के राजदूत निकोल आर कुडाशेव से बात की थी। इसके अलावा उन्‍होंने डिप्‍टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुशकिन से भी 15 जून को हुई घटना पर जानकारी मांगी थी। विदेश मंत्री सर्गेई ने उम्‍मीद जताई थी कि दोनों देशों के बीच टकराव जल्‍द खत्‍म होगा। बताया जा रहा है कि रूस ने भारत को समर्थन देने से पहले कई बार पूर्वी लद्दाख में हुए टकराव पर प्रतिक्रिया दी थी। 23 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मॉस्‍को जाने वाले हैं और उनके इस दौरे से पहले रूस की तरफ से यह बयान आना अपने आप में यह बताने के लिए काफी है कि रूस, भारत के साथ अपने संबंधों को कमजोर नहीं करना चाहता है।

    भारत के हर कदम का स्‍वागत

    भारत के हर कदम का स्‍वागत

    रूस के उप-विदेश मंत्री इगोर मोरगुलोव और रूस में भारत के राजदूत बाला वेंकटेश वर्मा के बीच लद्दाख में हुई हिंसा पर कई दौर वार्ता हुई थी। रूस के विदेश मंत्री लावरोव ने इसके बाद कहा था, 'पहले भी इस बात का ऐलान किया जा चुका है कि भारत और चीन के मिलिट्री कमांडर्स ने संपर्क किया और वो हालातों पर चर्चा कर रहे हैं, उन उपायों पर बात कर रहे हैं जिनके जरिए तनाव को कम किया जा सकता है। रूस इसका स्‍वागत करता है।' वहीं, राजदूत कुडाशेन ने ट्वीट कर कहा था, 'हम एलएसी पर जारी टकराव को कम करने के मकसद से उठाए जा रहे हर कदम का स्‍वागत करते हैं जिसमें दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई वार्ता भी शामिल है और हम स्थिति को लेकर आशावान हैं।'

    भारत और रूस के बीच करीबी संबंध

    भारत और रूस के बीच करीबी संबंध

    भारत और रूस के बीच करीबी संबंध हैं और कोरोना वायरस महामारी के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्‍ट्रपति ब्‍लादीमिर पुतिन के साथ संपर्क कायम रखा था। इस वर्ष दोनों नेताओं के बीच कोविड संकट समेत कई मुद्दों पर कई बार फोन पर बात हो चुकी है। अगले हफ्ते से रशिया-इंडिया-चाइना (रिक) सम्‍मेलन की शुरुआत हो रही है। इस दौरान तीनों देशों के विदेश मंत्री वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग करेंगे। पहले इस बात की खबरें आई थीं कि 15 जून को हुई घटना के बाद भारत इस मीटिंग का बहिष्‍कार कर सकता है।

    75वी विक्‍ट्री डे परेड में भारत होगा शामिल

    75वी विक्‍ट्री डे परेड में भारत होगा शामिल

    रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्‍ता मारिया जाखरोवा ने बताया कि 23 जून को रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्री वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए रिक सम्‍मेलन में शिरकत करेंगे। इस दौरान विदेश मंत्री वैश्विक राजनीति के अलावा अर्थव्‍यवस्‍था और कोरोना वायरस महामारी समेत दूसरे विषयों पर चर्चा करेंगे। इस वर्ष रूस को शंघाई-कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन और ब्रिक्‍स सम्‍मेलन की मेजबानी करनी थी। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते ये सम्‍मेलन आयोजित नहीं हो सकेगा। रूस की राजधानी मॉस्‍को में 24 जून को 75वीं विक्‍ट्री डे परेड का आयोजन होना है और इस दौरान भारत की तीनों सेनाओं का दल रूस जाएगा।

    तीनों सेनाओं के 75 सदस्‍य परेड का हिस्‍सा

    तीनों सेनाओं के 75 सदस्‍य परेड का हिस्‍सा

    भारत की तरफ से तीनों सेनाओं वाले इस दल 75 सदस्‍य शामिल होंगे। रूस में इस वर्ष द्वितीय विश्‍व युद्ध के 75 साल पूरे होने पर विक्‍ट्री डे परेड का आयोजन हो रहा है। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेइ शोईग्यू की तरफ से अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह को इस परेड का न्‍यौता दिया गया था। रूस के रक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया गया है कि इस परेड में 200 से ज्‍यादा वाहनों समेत 20 प्रकार के मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन किया जाएगा।

    English summary
    India-China tension: Russia expresses its strong support to India over the violent border clash with China in Galwan valley.
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