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Kartik Purnima 2019: देव दीपावली और गुरु पर्व की देश में धूम, खारून नदी में सीएम बघेल ने लगाई आस्था की डुबकी

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नई दिल्ली। आज पूरे देश में कार्तिक पूर्णिमा, देव-दीपावली और गुरु पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है। कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर मंगलवार को वाराणसी, हरिद्वार सहित कई हिस्सों में हजारों लोगोंं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई है तो वहीं आज सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पिछले सारे पाप धुल जाते हैं और स्वास्थ्य अच्छा होता है। इस खास मौके पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल भीआज सवेरे 5:15 बजे राजधानी रायपुर के महादेव घाट पहुंचे और उन्होंने खारून नदी में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान किया और इसके बाद वो आरती में भी शामिल हुए।

कार्तिक पूर्णिमा-देव दीपावली और गुरु पर्व की देश में धूम

तो वहीं आज नानक जयंती भी है इसलिए आज श्रद्धालुगण अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के नाम से विख्यात 'हरमंदर साहिब' सहित समेत पूरे हरियाणा और पंजाब के गुरुद्वारों में प्रार्थनाओं के लिए उमड़े हैं,नानक साहब का जन्मदिवस होने के कारण इस दिन को गुरु पर्व भी कहा जाता है।

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बैकुंठ धाम में देवी तुलसी का प्रकट हुई थीं

तो वहीं हिंदू धर्मग्रंथों में लिखा है कि कार्तिक पूर्णिमा को बैकुंठ धाम में देवी तुलसी का प्रकट हुई थीं और कार्तिक पूर्णिमा को ही देवी तुलसी ने पृथ्वी पर जन्म ग्रहण किया था।इसी दिन भगवान विष्णु ने प्रलय काल में वेदों की रक्षा के लिए तथा सृष्टि को बचाने के लिए मत्स्य अवतार धारण किया था।

आज पूरा देश गुरु पर्व में सराबोर है...

आज पूरा देश गुरु पर्व में सराबोर है, देश के सभी गुरुद्वारों में रौनक ही रौनक है तो वहीं भारी संख्या में लोग इस वक्त गुरूद्वारों में सेवा दे रहे हैं। आपको बता दें कि आज का दिन लोग गुरूनानक जंयती के रूप में मनाते हैं। गुरू नानक का जन्म 15 अप्रैल 1469 को ननकाना साहिब में हुआ था। ये ही सिखों के प्रथम गुरु हैं। लद्दाख व तिब्बत में इन्हें नानक लामा भी कहा जाता है। कुछ विद्वान इनकी जन्मतिथि 15 अप्रैल, 1469 मानते हैं। इनके पिता का नाम कल्याणचंद या मेहता कालू जी था, माता का नाम तृप्ता देवी था। तलवंडी का नाम आगे चलकर नानक के नाम पर ननकाना पड़ गया। इनकी बहन का नाम नानकी था। नानक सर्वेश्वरवादी थे।मूर्तिपूजा को उन्होंने निरर्थक माना। रूढ़ियों और कुसंस्कारों के विरोध में वे सदैव तीखे रहे।

भगवान इंसान के अंदर होता है

ईश्वर का साक्षात्कार, उनके मतानुसार, बाह्य साधनों से नहीं वरन् आंतरिक साधना से संभव है। इन्होंने हमेशा कहा भगवान इंसान के अंदर होता है इसलिए इंसान को कभी गलत काम नहीं करना चाहिए, जिस दिन इंसान का खुद से साक्षात्कार हो जाएगा उस दिन उसे मोक्ष मिल जाएगा। गरीबों की सेवा ही सच्ची भक्ति है। इनके उपदेश का सार यही होता था कि ईश्वर एक है उसकी उपासना हिंदू मुसलमान दोनों के लिए हैं।

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English summary
India Celebrates Guru Nanak Jayanti, Karthik Purnima and Dev Diwali today, Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel performs aarti, & takes holy dip in Kharun river at Mahadev Ghat, on Kartik Poornima.
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