6th December को ही कांग्रेस क्यों करना चाहती है 'INDIA' गठबंधन की बैठक, कहीं ये वजह तो नहीं?
INDIA alliance Fourth meeting: राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ तीन राज्यों में कांग्रेस पार्टी को बुरी हार का सामना करना पड़ा है। तीन हिंदी भाषी राज्यों में शिकस्त के बाद कांग्रेस ने 6 दिसंबर को विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की चौथी बैठक दिल्ली में करने का ऐलान किया है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने INDIA अलायंस में शामिल 28 दलों को इस बैठक में आमंत्रित किया है। खड़गे द्वारा अचानक 6 दिसंबर को बुलाई गई बैठक पर गठबंधन में शामिल कई पार्टियों ने आपत्ति जताई है लेकिन कांग्रेस ये बैठक 6 दिसंबर को ही करने पर आमदा है! कहीं इसकी ये खास वजह तो नहीं है?

पहले बता दें 3 दिसंबर को विधानसभा चुनावों के वोटों की गिनती के समय कांग्रेस की हार का अंदाजा होते ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने I.N.D.I.A अलांयस की चौथी बैठक के लिए नेताओं को आमंत्रित करने के लिए फोन करना शुरू कर दिया था।
हालांकि पांच राज्यों (मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, मिजोरम) में चुनाव परिणाम आने के बाद इंडिया अलांयस की ये पहली बैठक आयोजित की जा रही है तो इस बैठक में चुनाव नजीजों पर ही मंथन होगा और आगामी लोकसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा होगी।
वहीं कांग्रेस द्वारा आनन- फानन में 6 दिसंबर को ही इंडिया अलायंस की बैठक करने की खास वजह की जाए तो ये ही वो तारीख है जब आयोध्या में कारसेवकों ने बाबरी मज्जिद ढहा दी थी, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय आग-बबूला हो गया था, तब जमककर सांप्रदायिक हिंसा हुई थी।
आज भी जब ये तारीख आती है तो अल्पसंख्यकों के पुराने जख्म ताजा हो जाते हैं। कांग्रेस जो हमेशा से स्वयं को अल्पसंख्यकों की सबसे बड़ी खैर-ख्वाह होने का दावा करती हैं वो इसी वजह से 6 दिसंबर को इंडिया अलांयस की ये बैठक इस तारीख को करने पर अड़ी है।
गौरतलब है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसढ़ तीनों ही उत्तर भारत के हिंदी भाषी राज्य हैं जहां पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के वोटर हैं, ऐसे में कांग्रेस को मिली बुरी हार के बाद कांग्रेस अल्पसंख्यकों की हमदर्द बनने का कोई मौका गंवाना नहीं चाहती है।
6 दिसंबर के दिन क्या हुआ था
बता दें छह दिसंबर 1992 को सोलहवीं सदी में बनाई गई बावरी मज्जिद को गिराए जाने के बाद देश भर में सांप्रदायिक तनाव बढ़ा था और यहां तक की देश के कई राज्यों में हुई हिंसा में हजारों की संख्या में लोग मारे गए थे। हालांकि बाबरी मज्जिद विध्वंस केस में 2019 में ही सुप्रीम कोर्ट का अंतिम फैसला आ चुका है और अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण चल रहा है।












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