I.N.D.I.A. गठबंधन को इन राज्यों में झेलनी पड़ सकती है 'अपनों' की चुनौती

26 विपक्षी पार्टियों के इंडिया गठबंधन की तीसरी बैठक इसी महीने मुंबई में होने वाली है, जिसमें अगले लोकसभा चुनावों में आपस में किस तरह से सीटों की तालमेल हो, इसपर चर्चा हो सकती है। लेकिन, इन दलों के बीच दो बैठकें होने के बावजूद नहीं लगता है कि कुछ राज्यों में यह काम आसानी से होने वाला है।

इंडिया गठबंधन को सबसे ताजा चुनौती पंजाब से मिलती दिख रही है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ऐलान किया है कि 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस राज्य की सभी 13 संसदीय सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।

india alliance

पंजाब की सभी 13 सीटों पर अकेले लड़ेगी कांग्रेस- बाजवा
पंजाब की मुख्य विरोधी पार्टी कांग्रेस और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी दोनों ही विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के हिस्सा हैं। लेकिन, पंजाब कांग्रेस के नेता ने प्रदेश में आम आदमी पार्टी के साथ चुनावी तालमेल की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिससे एकता की बातों पर सवालिया निशान लग गए हैं।

'राज्यपालों और उप-राज्यपालों से जुड़े मुद्दों तक सीमित है संबंध'
पटियाला में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बुधवार को कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ उनकी पार्टी का आम आदमी पार्टी के साथ संबंध सिर्फ राष्ट्रीय स्तर तक 'विभिन्न राज्यों के राज्यपालों और उप-राज्यपालों से जुड़े मुद्दों' तक ही सीमित है।

गुजरात में भी कांग्रेस को दिख रही है मुश्किल
सिर्फ पंजाब की ही बात नहीं है। गुजरात में भी दोनों दलों में चुनावी जुगलबंदी दूर की कौड़ी लग रही है। पहले आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ तालमेल का दावा किया था। लेकिन, बाद में कांग्रेस की ओर से उनके बयान पर बहुत ही ठंडी प्रतिक्रिया दी गई।

ऐसा बयान असामयिक है- कांग्रेस प्रवक्ता
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोशी ने उनके दावे के एक दिन बाद कहा, 'कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व और इंडिया गठबंधन अन्य दलों के साथ चुनाव-पूर्व तालमेल पर अंतिम फैसला करेगा। ऐसे फैसले प्रदेश स्तर पर नहीं लिए जाते। ऐसा बयान (गुजरात आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का) असामयिक है। सभी को ऐसे बयानों से बचना चाहिए।'

इससे पहले इसुदान गढ़वी ने दावा किया था कि 'हालांकि अभी तालमेल पर बातचीत प्राथमिक स्तर पर है, यह तय है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी गुजरात में आने वाला लोकसभा का चुनाव सीटों के तालमेल वाले फॉर्मूले के तहत लड़ेंगी।'

गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की एएपी की वजह से बढ़ी थी मुश्किल
गौरतलब है कि गुजरात में विधानसभा की 182 सीटें हैं। पिछले साल दिसंबर में जो चुनाव हुए थे, उसमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अलग-अलग मैदान में थे। एक आंकडे के अनुसार राज्य की कम से कम 31 सीटों पर कांग्रेस को आम आदमी पार्टी की वजह से नुकसान हुआ था।

बंगाल में पंचायत चुनाव ने इंडिया गठबंधन की बढ़ाई दूरियां
इसी तरह से पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और सीपीएम के लिए टीएमसी के साथ तालमेल बिठाना बहुत आसान नहीं लग रहा। हाल में हुए पंचायत चुनावों में वहां जमीनी स्तर पर इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच बहुत ही गहरी खाई खुद चुकी है। यहां तक कि चुनावों के बाद पंचायतों के बोर्ड के गठन में कांग्रेस और सीपीएम ने बीजेपी के साथ भी हाथ मिलाया है।

तो बंगाल में कांग्रेस-सीपीएम के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई- ममता
लोकसभा चुनाव में यह परिस्थिति पूरी तरह से पलट जाएगी, यह बहुत बड़ा सवाल है। बुधवार को ही बंगाल के आदिवासी इलाके झारग्राम में एक रैली में राज्य की मुख्यमंत्री और टीएमसी की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा, 'अगर वे इस तरह से करेंगे तो बंगाल में कांग्रेस और सीपीएम के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। राष्ट्रीय स्तर पर यह इंडिया है, जबकि यहां बंगाल में बीजेपी, कांग्रेस और सीपीएम साथ आ रहे हैं।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+