न्यूज चैनलों के शो पर दिखने बंद हो सकते हैं INDIA पार्टियों के चेहरे, चल रही है क्या तैयारी? जानिए
आने वाले समय में न्यूज चैनलों के कई चर्चित डिबेट शो से विपक्षी दलों के चेहरे गायब हो सकते हैं। इंडिया एलायंस की ओर से इसके लिए काफी गंभीरता से तैयारी चल रही है और यह स्थिति 2024 के लोकसभा चुनाव तक जारी रह सकती है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडिया एलायंस की ओर से टीवी न्यूज चैनलों के कुछ चुनिंदा एंकरों की एक लिस्ट तैयार की जा रही है, जिनका गठबंधन के नेता बायकॉट करेंगे। इसने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि गठबंधन दलों के नेता खासकर ऐसे ही न्यूज एंकर के कार्यक्रमों या डिबेट शो के बहिष्कार करने की योजना बना रहे हैं, जो विपक्ष की बातों को तरजीह नहीं देते हैं।

कुछ खास एंकर के डिबेट शो के बायकॉट की तैयारी
इसके मुताबिक लिस्ट में ऐसे एंकर शामिल हैं, जो कथित तौर पर डिबेट के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं को पर्याप्त मौका नहीं देते हैं और साथ ही 'ऐसे नैरेटिव थोपने' की कोशिश करते हैं, जिससे विपक्ष के हितों को नुकसान होता है और अक्सर वह सत्ताधारी बीजेपी के पक्ष में काम करते हैं।'
हिंदी-अंग्रेजी दोनों न्यूज चैनलों के एंकर शामिल
शुक्रवार को विपक्षी दलों के 'मीडिया वर्किंग ग्रुप' की एक बैठक होने वाली है, जिसमें अन्य मसलों के अलावा इसपर भी चर्चा होने की संभावना है। इस ग्रुप के एक सदस्य और इंडिया एलायंस के नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त कहा कि एक महीने में ऐसी लिस्ट आ सकती है और इस तरह की पाबंदी 2024 के लोकसभा चुनावों तक जारी रह सकती है। इस प्रतिबंध के दायरे में हिंदी और अंग्रेजी दोनों न्यूज चैनलों के एंकर आ सकते हैं।
8 से 9 तक हो सकती है एंकरों की संख्या
उस नेता ने कहा, 'किसी भी चैनल का बहिष्कार नहीं किया जाएगा, लेकिन हम कुछ एंकरों का बहिष्कार करना चाहते हैं, जो अपनी डिबेट और शो के दौरान एक निश्चित नैरेटिव थोपने की कोशिश करते हैं।' उन्होंने कहा कि जिन एंकरों का बहिष्कार किया जाना है, उनकी संख्या 8 से 9 तक हो सकती है।
इंडिया के मीडिया ग्रुप में शामिल हैं ये नाम
इस महीने इंडिया एलायंस की मुंबई में हुई तीसरी बैठक के बाद इसकी मीडिया वर्किंग ग्रुप के सदस्यों के नामों की घोषणा की गई थी। इसमें कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा समेत अन्य लोग शामिल किए गए हैं।
गठबंधन के बयानों में एकरूपता बनाए रखने के लिए बनाया पैनल
गौरतलब है कि इस बार इंडिया गठबंधन की ओर से यह पूरी कोशिश की जा रही है कि सार्वजनिक तौर पर उनके बयानों में एकरूपता बनी रहे। इसलिए, उन्होंने गठबंधन के प्रवक्ताओं का इस तरह का एक पैनल तैयार किया है।
इसी तरह सत्ताधारी एनडीए ने भी प्रवक्ताओं का एक ग्रुप बनाया है और उन्हें एक खास वर्कशॉप में गठबंधन की ओर से बातें रखने की ट्रेनिंग भी दी गई है। इसमें बीजेपी समेत उसके सहयोगी दलों, जैसे कि शिवसेना, एनसीपी और एलजेपी (रामविलास) के प्रवक्ताओं को जगह मिली हुई है।












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