हीरानंदानी ग्रुप पर आयकर विभाग की रेड, 24 जगहों पर चल रही है छापेमारी
मुंबई, 22 मार्च: रियल एस्टेट के क्षेत्र में नामी कंपनी हीरानंदानी ग्रुप के मुंबई समेत अन्य शहरों में कई स्थानों पर आयकर विभाग की ओर से छापेमारी की जा रही है। हीरानंदानी ग्रुप के कुल 24 अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड जारी रही है, इन ठिकानों में हीरानंदानी समूह से जुड़े लोगों के घर और दफ्तर शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि यह छापेमारी विदेशी संपत्ति से जुड़े एक मामले में सिलसिले में की गई है।

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कंपनी परिसरों और कार्यालयों के साथ-साथ कुछ शीर्ष अधिकारियों के आवासों की भी तलाशी ली जा रही है। सूत्रों ने बताया की छापेमारी जहां चल रही है, उनमें निरंजन हीरानंदानी और सुरेंद्र हीरानंदानी के घर भी शामिल हैं। यह छापेमारी हीरानंदानी समूह से जुड़ी है और उनके विदेशी ऐस्टे्स को लेकर जांच चल रही है। निरंजन और सुरेंद्र हीरानंदानी पर आरोप है कि उन्होंने अपने विदेशों में स्थित एक ट्रस्ट में निवेशों की जानकारी छुपाई है।
हीरानंदारी ग्रुप के प्रवक्ता ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। निरंजन हीरानंदानी और सुरेंद्र हीरानंदानी ने भी इस पर टिपप्णी करने से इनकार कर दिया।हीरानंदानी ग्रुप के फाउंडर निरंजन हीरानंदानी और उनके परिवार के प्रमुख सदस्यों का नाम अक्टूबर 2021 में पैंडोरा पेपर्स में आया था। इसमें कहा गया था कि ये लोग एक ट्रस्ट के लाभार्थी है, जिसके पास 6 करोड़ डॉलर से अधिक की संपत्ति है।
हाल ही में हीरानंदानी डेवलपर्स के को-फाउंडर्स और भाइयों निरंजन हीरानंदानी और सुरेंद्र हीरानंदानी ने मुंबई महानगर क्षेत्र में स्थित ज्वाइंट रियल एस्टेट परियोजनाओं का आपस में बंटवारा किया था। दोनों भाइयों के बीच बंटवारे के तहत निरंजन हीरानंदारनी को पवई की 250 एकड़ की टाउनशिप परियोजना मिली है, जबकि सुरेंद्र के हिस्से में ठाणे की 350 एकड़ की टाउनशिप परियोजना आई है। हीरानंदानी डेवलपर्स की स्थापना दोनों भाइयों ने 1978 में की थी। पिछले दो दशक में इसने कई परियोजनाओं का निर्माण किया है।












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