Income Tax Deadline 2026: 31 मार्च से पहले निपटा लें ये 6 काम, वरना कटेगी भारी सैलरी और लगेगा जुर्माना!
Income Tax Deadline 2026: वित्त वर्ष 2025-26 की समाप्ति में अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में करदाताओं के लिए यह समय अपनी वित्तीय योजना को अंतिम रूप देने का है। यदि आप अंतिम समय की भागदौड़ और भारी जुर्माने से बचना चाहते हैं, तो 31 मार्च 2026 की समयसीमा आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत में टैक्स नियमों के कड़े अनुपालन को देखते हुए, समय पर निवेश और दस्तावेजों का सत्यापन न केवल आपकी मेहनत की कमाई बचाता है, बल्कि कानूनी जटिलताओं से भी दूर रखता है। चाहे वह पुराने टैक्स सिस्टम के तहत छूट का लाभ लेना हो या एडवांस टैक्स की गणना, एक छोटी सी चूक आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। इस आर्टिकल में हम उन 6 अनिवार्य कार्यों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं जिन्हें आपको इस महीने के अंत तक हर हाल में पूरा कर लेना चाहिए...

टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट (Section 80C)
यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था का चुनाव कर रहे हैं, तो धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ लेने के लिए निवेश पूरा कर लें। इसके लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और ELSS जैसे विकल्प सबसे लोकप्रिय हैं। 31 मार्च के बाद किया गया निवेश चालू वित्त वर्ष की गणना में शामिल नहीं होगा।
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निवेश के प्रमाण (Investment Proofs) जमा करना
नौकरीपेशा लोगों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। अपने नियोक्ता (Employer) को निवेश के सभी दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराएं। यदि आप रसीदें या सर्टिफिकेट जमा करने में विफल रहते हैं, तो कंपनी आपकी सैलरी से अधिक TDS काट सकती है, जिसे वापस पाने के लिए आपको इनकम टैक्स रिफंड का लंबा इंतजार करना होगा।
एडवांस टैक्स का भुगतान
जिन करदाताओं की अनुमानित टैक्स देनदारी (TDS कटौती के बाद) 10,000 रुपये से अधिक है, उन्हें एडवांस टैक्स की किश्तें चुकानी होती हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम किश्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 मार्च 2026 है। इसमें देरी होने पर आयकर विभाग धारा 234B और 234C के तहत भारी ब्याज वसूल सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम (Section 80D)
सेक्शन 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है। आप स्वयं, जीवनसाथी और बच्चों के लिए 25,000 रुपये तक और 60 वर्ष से अधिक आयु के माता-पिता के लिए 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं। यह 80C की 1.5 लाख की सीमा से अलग है।
होम लोन ब्याज पर छूट
यदि आपने घर खरीदने के लिए लोन लिया है, तो धारा 24(b) के तहत आप स्व-आवासित (Self-occupied) संपत्ति के होम लोन ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की टैक्स कटौती प्राप्त कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आपके पास बैंक से प्राप्त 'ब्याज प्रमाणपत्र' (Interest Certificate) उपलब्ध है।
अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) दाखिल करना
अगर आपसे पूर्व के रिटर्न में कोई आय की जानकारी छूट गई है या कोई गलती हुई है, तो उसे सुधारने का सुनहरा मौका ITR-U है। वित्त वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च 2026 तक आप अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर पेनल्टी और कानूनी नोटिस के जोखिम को कम कर सकते हैं।
With AI Inputs
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