महंगाई, विजयपुर प्रकरण और सूचना आयुक्त नियुक्ति पर बोले उमंग सिंघार, पेट्रोल-डीजल टैक्स घटाने की मांग
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज भोपाल स्थित अपने निवास पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने तीन प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी-विजयपुर विधानसभा उपचुनाव मामले में हाईकोर्ट का फैसला, ईरान-इजराइल युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई, और सूचना आयुक्त की नियुक्ति बैठक में हुई अनियमितता। सिंघार ने इन मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और कई सवाल खड़े किए।
विजयपुर प्रकरण: न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का रास्ता खुला
उमंग सिंघार ने ग्वालियर हाईकोर्ट द्वारा विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के चुनाव को शून्य घोषित करने के फैसले पर कहा, "हम न्यायालय के निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हैं। लोकतंत्र में न्यायिक प्रक्रिया सर्वोपरि होती है। जिला न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है। मुकेश मल्होत्रा जी के लिए भी सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे खुले हैं। हम कानूनी सलाह लेकर आगे बढ़ेंगे।"

उन्होंने कहा कि इतिहास में कई ऐसे उदाहरण हैं जहां गंभीर मामलों में भी अलग-अलग स्तरों पर अलग निर्णय आए हैं। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के चुनाव संबंधी मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय की अंतिम उम्मीद सर्वोच्च न्यायालय से ही होती है।
सिंघार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा, "क्या भाजपा दबाव की राजनीति कर माहौल बनाना चाहती है? क्या यह संख्या बल की राजनीति और आने वाले चुनावों से जुड़ा प्रयास है? भाजपा चुनाव से डरती है, चुनाव से भागती है और जनता के बीच जाकर सामना नहीं करना चाहती।"
उन्होंने भाजपा नेताओं के लंबित मामलों का भी जिक्र किया। कहा कि नरोत्तम मिश्रा के पेड न्यूज मामले में वर्षों से फैसला लंबित है। निर्मला सप्रे प्रकरण में भी न्यायालय के नोटिस के बाद ही विधानसभा अध्यक्ष को कहना पड़ा कि सुनवाई हो रही है। सिंघार ने सवाल उठाया, "आखिर इन मामलों में इतनी देरी क्यों हो रही है?"
अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई पर तीखा हमला
नेता प्रतिपक्ष ने ईरान-इजराइल युद्ध (और अमेरिका की भागीदारी) के कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "सरकार लगातार समीक्षा बैठकों की बात कर रही है, लेकिन केवल बैठकों से जनता को राहत नहीं मिलती। कोविड काल में भी यही कहा गया था-धैर्य रखें, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन देश ने उस समय भारी कठिनाइयाँ झेलीं।"
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि
पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर पर लगने वाले भारी टैक्स में तत्काल कटौती की जाए। यदि टैक्स कम किया जाए तो आम जनता को सीधी राहत मिल सकती है। सरकार को तय करना होगा कि वह तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाना चाहती है या बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता को राहत देना चाहती है।
सूचना आयुक्त की नियुक्ति बैठक में अनियमितता का आरोप
उमंग सिंघार ने आज हुई सूचना आयुक्त नियुक्ति बैठक पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि बैठक में तीन पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया निकाली गई थी, लेकिन केवल दो पदों को ही भरा जा रहा है। इससे सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर सीधा असर पड़ेगा।
सिंघार ने कहा, "सरकार को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरना चाहिए। हमने बैठक में इस विषय पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।"
निष्कर्ष और संदेश
प्रेस वार्ता में उमंग सिंघार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है, लेकिन अन्याय के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात का बहाना बनाकर जनता पर बोझ नहीं डाला जा सकता। साथ ही RTI जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह प्रेस वार्ता मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस की रणनीति को दर्शाती है-जहां एक ओर न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान, वहीं दूसरी ओर जनता के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाया जा रहा है। अब देखना है कि भाजपा इस पर क्या जवाब देती है और क्या सुप्रीम कोर्ट में विजयपुर मामले की सुनवाई होती है।












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