किसान के पास नहीं ट्रैक्टर या बैल खरीदने के पैसे, बेटियों के साथ मिलकर जोत रहा खेत

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में एक परिवार खुद हाथों से खेत जोतने का काम कर रहा है। बुंदेलखंड में 60 वर्षीय अच्छेलाल अहरवार अपनी दो बेटियों के साथ खेतों को जोत रहे हैं ताकि मॉनसून की बारिश में सफल बेहतर हो सके।

झांसी। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में एक परिवार खुद हाथों से खेत जोतने का काम कर रहा है। बुंदेलखंड में 60 वर्षीय अच्छेलाल अहरवार अपनी दो बेटियों के साथ खेतों को जोत रहे हैं ताकि मॉनसून की बारिश में सफल बेहतर हो सके। अच्छेलाल के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो बैल या ट्रैक्टर की मदद से जुताई का काम कर सकें। इसलिए दोनों बेटियों की मदद से उन्होंने खुद ही खेत जोतना शुरू कर दिया है।

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झांसी जिले के मऊरानीपुर में बड़ागांव गांव में 60 वर्षीय अच्चेलाल अहरवार अपनी दो बेटियों 13 वर्षीय रवीना और 10 वर्षीय शिवानी के साथ खेत जोतने पर मजबूर हैं। रवीना और शिवानी बैलों की जगह आगे रहती हैं और पीछे उनके पिता खेत जोतते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार अच्छेलाल के पास इतने पैसे नहीं हैं जिससे वो ट्रैक्टर या बैल खरीद सकें। इसलिए वो अपनी बेटियों के साथ जुताई करने के लिए मजबूर हैं। सुबह-सुबह खेत पहुंचकर जुताई करने वाले अच्छेलाल ने कहा, 'हम खेत में तिल को बोने का इंतजार कर रहे हैं।'

वहीं उनकी 10 साल की बेटी शिवानी ने कहा, 'कुछ अच्छी बारिश और आसमान से अच्छी फसल की उम्मीद जगी है, हमें अच्छी फसल की आशा है और इसलिए हमने इसे खुद करने का फैसला किया। हमने पहले कभी ऐसा काम नहीं किया था।' शिवानी 7वीं कक्षा में पढ़ती हैं और रवीना 8वीं में। दोनों के स्कूल की छुट्टियां चल रही थीं, इसलिए उन्होंने अपने पिता की मदद की सोची। क्षेत्रीय किसान नेता रामधर निशद ने कहा कि अच्छेलाल ऐसा करने पर मजबूर हैं क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। 'अच्छेलाल सिर्फ गरीब नहीं है, बल्कि उसपर डेढ़ लाख का कर्ज भी है। वो और उसका परिवार वो कपड़े पहनता है जो गांववाले उसे दान करते हैं। गांववाले उन्हें समय-समय पर अनाज भी देते रहते हैं।'

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दूसरे किसान नेका शिवनारायण सिंह परिहर ने बताया कि अच्छेलाल अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ रहता है। उसकी चार बेटियों की शादी पहले ही हो चुकी है। अच्छेलाल ने बताया कि उसके पास सफेद राशन कार्ड है जिसपर उसे 5 किलो प्रति व्यक्ति के हिसाब से अनाज मिलता है। उसने लाल राशन कार्ड के लिए अपील की है ताकि वो सरकारी घर, शौचायलय स्कीम और बाकी चीजों के लिए योग्य हो सके। अच्छेलाल ने कहा, 'मैंने 15 मई को तहसील दिवस के मौके पर अपना मामला रखा था, लेकिन अभी तक इसपर कोई जवाब नहीं आया है।'

तहसील दिवस पर जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। शहर से बाहर होने के कारण डीएम शिव सहाय अवस्थी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। चीफ डेवलेपमेंट ऑफिसर (CDO) निखिल टीकाराम फंडे ने कहा, 'ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। हम मामले और किसान की एप्लीकेशन की जांच करेंगे।'

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