फैसला: 127 ट्रेनें अब वहीं रुकेंगी जहां नरेंद्र मोदी सरकार चाहेगी

रेलवे प्रशासन इसे यात्रियों की कमी बताकर खत्म कर रहा है लेकिन इसे लेकर बवाल की आशंका भी है। जिन ट्रेनों के ठहराव खत्म किए गए हैं उनमें रीवांचल एक्सप्रेस और पुरुषोत्तम एक्सप्रेस का फतेहपुर, ऊंचाहार एक्सप्रेस का रूरा, कानपुर-इलाहाबाद इंटरसिटी का सिरसौल, मगध एक्सप्रेस का विन्ध्याचल और सीमांचल का मिर्जापुर स्टेशन पर स्टॉपेज भी शामिल है।
यह भी पढ़ेंं- एनकाउंटर की धमकी
यूपीए सरकार के कार्यकाल में बड़ी संख्या में ट्रेनों को अस्थाई ठहराव दिए गए थे, इसमें ज्यादातर ट्रेनों के ठहराव छह-छह महीने के लिए बढ़ाए जाते रहे। स्थानीय सांसदों और यात्रियों की मांग पर उत्तर मध्य रेलवे क्षेत्र में 127 ट्रेनों को अतिरिक्त ठहराव मिले। इनके रुकने से यात्रियों की सुविधा भी बढ़ी।
यात्रियों को उम्मीद थी कि एक-दो साल से रुक रही ट्रेनों का ठहराव अब रद्द नहीं होगा। यूपीए सरकार के जाते ही रेलवे प्रशासन ने पुराने फैसलों को एक झटके के साथ निरस्त कर दिया। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें एक से तीन जुलाई और बची हुई ट्रेनें एक से 15 अगस्त के बीच में संबंधित स्टेशनों पर रुकना बंद कर देंगी।
- नीलांचल एक्सप्रेस और गरीब नवाज एक्सप्रेस का फिरोजाबाद
- ब्रह्मपुत्र मेल का शिकोहाबाद
- गोमती एक्सप्रेस का झींझक, रूरा, पनकी
- लिच्छवि का हाथरस, अलीगढ़ व खुर्जा में
- जयपुर एक्सप्रेसहाथरस में नीलांचल
- राजा की मंडी में इलाहाबाद
- आगरा-लखनऊ इंटरसिटी
- पुखरायां में राप्ती सागर एक्सप्रेस
- गोरखपुर-एलटीटी और पुरुषोत्तम एक्सप्रेसगोरखपुर-सिकंदराबाद, गोरखपुर-बंगलौर एक्सप्रेस
- चंबल एक्सप्रेस का बरवा सागर,साबरमती एक्सप्रेस का जाखल,
- तालबाहट, लखनऊ-दिल्ली शताब्दी का टूंडला स्टेशन












Click it and Unblock the Notifications