सितंबर तक देश में कोराना की स्थिति होगी भयावह, IISC के दावे डराने वाले
सितंबर तक देश में कोराना की स्थिति होगी भयावह, IISC के दावे डराने वाले
बेंगलुरु। देश में लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। तेजी से बढ़ रहे कोविड 19 के मामलों के बीच बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) ने आने वाले कुछ महीनों में भयावह स्थिति होने का अनुमान लगाया है।आईआईएससी ने कोरोना के मौजूदा ट्रेड के आधार पर भविष्य में देश भर में कितने कोरोना केस हो जाएंगे उससे संबंधित आंकड़े जारी किए हैं। IISc ने अनुमान के आधार पर आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
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सिंतबर माह तक देश भर में 35 लाख तक पहुंच सकती हैं कोरोना मरीजों की संख्या
देश में मौजूदा नेशनल ट्रेंड के आधार पर IISc ने एक स्टडी की हैं जिसके मुताबिक भारत में 1 सिंतबर तक कोरोना के 35 लाख केस हो जाएंगे। वहीं एक्टिव केस की बात करें तो इस स्टडी का अनुमान है कि देश में 1 सितंबर तक एक्टिव केसों की संख्या 10 लाख होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक संक्रमण के कुल केस संक्रमितों की कुल संख्या 9,36,181 हो चुकी हैं।

आईआईएससी ने दी ये चेतावनी
मालूम हो कि वर्तमान समय में देश भर में प्रत्येक दिन 25 हजार से अधिक नए मामले आ रहे हैं। आईआईएससी के अनुमान के आधार पर अगले डेढ़ महीने में 26 लाख नए केस सामने आ सकते हैं। आईआईएससी ने ये भी चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा हालात से बेहतर स्थिति रही तो सितंबर तक भारत में कुल 20 लाख केस हो सकते हैं, जिसमें से 4.75 लाख एक्टिव केस हो सकते हैं।

1 जनवरी तक इस संक्रमण से हो सकती हैं इतनी मौतें
भारत में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले अब तक 24,309 की मौत हो चुकी है। आईआईएससी ने ये भी चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा हालात से बेहतर स्थिति रही तो सितंबर के दूसरे सप्ताह तक 4.78 लाख एक्टिव केस होंगे, और 88 हजार लोगों की मौत हो सकती है। आईआईएससी के मुताबिक 1 नवंबर तक भारत में 1.2 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं। जबकि 1 जनवरी तक भारत में इस जानलेवा वायरस से 10 लाख लोगों की मौत हो सकती हैं।

मार्च 2021 तक भारत में कुल केस की संख्या का अनुमान
आईआईएससी के प्रोजेक्शन के मुताबिक, देश में सबसे बेहतर स्थिति में मार्च 2021 तक भारत में कुल केस 37.4 लाख तक कम भी रह सकते हैं और सबसे खराब स्थिति में 6.18 करोड़ तक बढ़ भी सकते हैं। आईआईसी के मुताबिक अगर स्थिति बिगड़ती है तो फिर मार्च के आखिर तक भारत में कोरोना के 6.2 करोड़ केस पहुंच सकते हैं। इस दौरान देश में 82 लाख एक्टिव केस हो सकते हैं। जबकि 28 लाख लोगों की जान जा सकती है।

राज्यों के बारे में ये है अनुमान
आईआईएससी के प्रोफेसर शशिकुमार जी, दीपक एस और उनके टीम ने अन्य कई अलग-अलग राज्यों के बारे में भी अनुमान लगाया है जिसमें मौजूदा ट्रेंड के हिसाब से 1 सितंबर तक महाराष्ट्र में 6.3 लाख, दिल्ली 2.4 लाख, तमिलनाडु 1.6 लाख और गुजरात में कोरोना मरीजों की संख्या 1.8 लाख तक पहुंच सकती है। वहीं कर्नाटक में 2.1 लाख केस हो सकते हैं जिसमें 71,300 एक्टिव केस होंगे ।

लॉकडाउन करने की विशेषज्ञों ने दी सलाह
वहीं आईआईसी ने कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए लॉकडाउन को ही सही उपाय बताया है। इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के अनुसार संक्रमित लोगों में कमी लाने के लिए हर हफ्ते में एक या दो दिन के लॉकडाउन किया जाना जरुरी है। इस स्टडी में ये भी दावा किया गया है कि हफ्ते एक या दो दिन का लॉकडाउन और लोगों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन करने से संक्रमण में काफी हद तक कमी आ सकती है।












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