सुब्रमण्यम स्वामी बोले- राम मंदिर पर SC का फैसला पक्ष में नहीं आया तो हम संसद से कोशिश करेंगे
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने एक बार फिर राम मंदिर का राग अलापा है। स्वामी ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट उनके पक्ष में फैसला नहीं सुनाता है तो संसद से भी इसका रास्ता निकाला जा सकता है। सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों का फैसला कि मस्जिद इस्लाम का एक अनिवार्य हिस्सा नहीं है जिसे अब 7 जजों की बैंच को पुनर्विचार की जरूरत है। ऐसे में अगर फैसला पक्ष में आता है तो ठीक है अगर नहीं आता है तो हम संसद में इस संबंध में कोशिश कर सकते हैं।

बता दें कि रामजन्मभूमि मामले पर 28 सितंबर तक सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि वरीयता सूची के मुताबिक 28 सितंबर को राम जन्मभूमि मामले पर फैसला सूचीबद्ध है। इससे पहले 20 जुलाई को सु्प्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था कि संविधान पीठ के 1994 के फैसले पर फिर विचार करने की जरूरत है या नहीं।
2 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं प्रधान न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा 2 अक्टूबर को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा फैसला सुनाकर जाएंगे। हालांकि इसमें अभी तक यह पूरी तरह से साफ नहीं हुआ है कि कोर्ट 28 को ही इस मामले पर सुनवाई करेगा या फिर तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। 1994 में पांच जजों की बेंच ने राम जन्मभूमि में यथास्थिति बरकरार रखे का निर्देश दिया था ताकि हिंदू पूजा-पाठ कर सकें। इसके बाद 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए विवादित भूमि को एक तिहाई हिंदू, एक तिहाई मुस्लिम और एक तिहाई रा लला को देने का फैसला सुनाया था। जिसके बाद ये मामले सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
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