1971 में टूटा था पाकिस्तान, अब ऑपरेशन सिंदूर से चार टुकड़ों में बंटने से कैसे बचा पाक? जानिए इनसाइड स्टोरी
''ऑपरेशन सिंदूर से भारत के सामने न केवल पाकिस्तान महज चार दिन में ही घुटनों पर आ गया था, बल्कि पाकिस्तान चार टुकड़ों में बंटने से भी बच गया।'' यह बात भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही है।
30 मई को 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रांत पर पहुंचकर एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है, यह सिर्फ एक विराम है।"

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रक्षा मंत्री ने आईएनएस विक्रांत पर नौसेना की तैयारियों का जायजा लिया। नौसेना अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की शक्तिशाली कैरियर बैटल ग्रुप ने पाकिस्तान की नौसेना को बंदरगाहों से बाहर नहीं निकलने दिया, नहीं तो पाकिस्तान को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते।
1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े करके बना दिया था बांग्लादेश
अरब सागर में तैनात आईएनएस विक्रांत पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जल सेना की ताकत का कोई मुकाबला नहीं। अगर ऑपरेशन सिंदूर में नौसेना भी पूरी तरह से शामिल होती, तो पाकिस्तान की हालत 1971 से भी बुरी होती। शायद पाकिस्तान के चार टुकड़े हो जाते।
भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 का नतीजा इस बात का साक्षी है कि जब भारतीय सेना और नौसेना एक्शन में आईं, तो पाकिस्तान एक से दो हुआ। मतलब, 1971 की जंग के बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। एक हिस्से में नए देश के रूप में बांग्लादेश का जन्म हुआ।

भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी नेवी को किनारों तक सीमित किया
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर 2025 में भारतीय नौसेना ने खामोश रहकर भी जबरदस्त काम किया है। यही वजह है कि पाकिस्तान भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत और तैयारी के कारण समुद्र में चुनौती नहीं दे पाया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंडियन नेवी ने पाकिस्तानी नौसेना को बांध रखा। भारतीय नौसेना की आक्रामक तैनाती, समुद्री क्षेत्र की जानकारी और समुद्री श्रेष्ठता ने पाक नौसेना को केवल किनारों तक सीमित कर दिया था।

भारतीय नौसेना की मजबूत तैनाती के सामने पाकिस्तानी सेना का मनोबल टूट गया। भारत के पश्चिमी बेड़े के जहाजों ने समुद्र में सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और टारपीडो की सफल फायरिंग (परीक्षण) की। यह साबित करता है कि भारतीय नौसेना प्लेटफॉर्म, सिस्टम और सैनिक जंग के लिए कितने तैयार हैं?
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रक्षा मंत्री ने कहा कि जब वायुसेना ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर हमला किया, तब भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी आक्रामक तैनाती के जरिए पाकिस्तान की नौसेना को समुद्र तक सीमित कर दिया। पुलवामा हमले के 96 घंटे के भीतर भारतीय नौसेना ने दोनों तटों पर मिसाइल और टॉरपीडो दागकर अपने युद्ध कौशल और तैयारियों का प्रदर्शन किया।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारत की तीनों सेनाओं की संयुक्त कार्रवाई थी, जिसमें 6-7 मई की रात को करीब डेढ़ बजे पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई। इसमें करीब 100 आतंकी मारे गए। ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के सीमावर्ती इलाकों में एयरबेस व आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन व मिसाइलों से हमला किया। पाक के हमलों को भारतीय डिफेंस सिस्टम S-400 ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। चार दिन में ही पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और अमेरिका से गुहार लगाकर 10 मई 2025 की शाम पांच बजे से सीजफायर करवाया।

पहलगाम आतंकी हमला कब-कहां हुआ?
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर 2025 क्यों लॉन्च किया? इसका जवाब है पहलगाम आतंकी हमला 2025।
दरअसल, 22 अप्रैल 2025 की शाम करीब पांच बजे पाकिस्तान की ओर से आए आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले की बैसरन घाटी में पर्यटकों पर हमला किया। हमले में 26 लोगों की मौत हुई। आतंकियों ने पर्यटकों से धर्म पूछ-पूछकर मारा था। सिर्फ हिंदू पुरुष पर्यटकों पर गोली चलाई गई। आतंकी महिलाओं से बोले कि जाकर मोदी से कह देना।
भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में भारतीय नौसेना ने क्या भूमिका निभाई?
भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में भारतीय नौसेना की भूमिका निर्णायक और रणनीतिक रूप से बेहद अहम रही थी। इस युद्ध में नौसेना ने पाकिस्तान के समुद्री रास्तों को काटकर उसे सैन्य और आर्थिक रूप से घुटनों पर लाने में मदद की थी। नीचे इसकी प्रमुख भूमिका का विवरण और आधिकारिक सन्दर्भ दिया गया है।

1. ऑपरेशन ट्राइडेंट (Operation Trident)
तारीख: 4-5 दिसंबर 1971
लक्ष्य: कराची बंदरगाह पर हमला
भारतीय नौसेना ने पहली बार मिसाइल बोट्स का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के कराची नौसैनिक अड्डे पर भीषण हमला किया। इस ऑपरेशन में PNS Khyber, PNS Muhafiz और merchant vessel Venus Challenger को डुबो दिया गया। पाकिस्तान को भारी आर्थिक और नौसैनिक क्षति हुई। इसीलिए भारत में 4 दिसंबर को हर साल 'नौसेना दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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2. ऑपरेशन पायथन (Operation Python)
तारीख: 8-9 दिसंबर 1971
यह ट्राइडेंट के बाद किया गया दूसरा बड़ा हमला था, जिसमें कराची बंदरगाह को फिर से निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की तेल आपूर्ति और युद्ध के संसाधनों पर भारी असर डाला।
3. पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में समुद्री नाकेबंदी
भारतीय नौसेना ने बंगाल की खाड़ी में पाकिस्तान की आपूर्ति लाइनों को काट दिया। नौसेना ने PNS Ghazi पनडुब्बी को विशाखापत्तनम के पास नष्ट कर दिया, जो INS Vikrant को निशाना बनाने आई थी। इससे बांग्लादेश में लड़ रहे भारतीय और मुक्ति बाहिनी सैनिकों को समुद्री सहयोग मिला।
INS विक्रांत क्या है?
INS विक्रांत भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत (Indigenous Aircraft Carrier - IAC-1) है, जिसे भारतीय नौसेना के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Ltd., CSL) ने बनाया है। यह भारत की समुद्री शक्ति का प्रतीक है और भारत को उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल करता है जो अपने दम पर एयरक्राफ्ट कैरियर बना सकते हैं।












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