GOOD NEWS: बेकार पड़े ईपीएफ अकाउंट्स पर भी मिलेगा अब ब्याज
11 नवंबर 2016 से बेकार पड़े पुराने ईपीएफ अकाउंट्स पर अब केंद्र सरकार ने ब्याज देने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली। श्रम मंत्रालय ने निष्क्रिय पड़े कर्मचारी भविष्य निधि खातों के लिए खुशखबरी दी है। अब तक इन खातों पर ब्याज नहीं मिलता था लेकिन अब सरकार ने इसमें बदलाव किया है।

केंद्र सरकार तीन साल या इससे अधिक वक्त से बेका पड़े ईपीएफ अकाउंट को स्वत: निष्क्रिय नहीं माना जाएगा। इसको चालू माना जाएगा और इसपर ब्याज दिया जाएगा।
यह सूचना सरकार ने 11 नवंबर को एक नोटिफिकेशन के जरिए मीडिया में जारी की।
ये होगी सक्रिय अकाउंट मानने की शर्त
इसके मुताबिक, ईपीएफ अकाउंट को तब भी सक्रिय माना जाएगा जबकि कर्मचारी कंपनी बदलता है और अपनी पुरानी कंपनी से ईपीएफ का पूरा पैसा निकालने के लिए अप्लाई नहीं करता है।
इसके अलावा उस कर्मचारी के पुराने ईपीएफ खाते को भी सक्रिय माना जाएगा जो दो महीने के भीतर किसी ऐसी कंपनी में जॉब बदलकर जाता है जो कि ईपीएफ स्कीम के तहत आती हो।
पहले यह हुआ करता था नियम
नई नौकरी लेने पर पुराने ईपीएफ अकाउंट को नए में ट्रांसफर कराया जा सकता है। 2015-16 सत्र में ईपीएफ खातों पर 8.8 फीसदी ब्याज मिलता है।
इससे पहले यह नियम था कि अगर कोई ईपीएफ खाता 3 साल या इससे अधिक समय से आॅपरेट नहीं हो रहा है तो इसे निष्क्रिय मान लिया जाएगा। 1 अप्रैल 2011 से गैर सक्रिय खातों को ब्याज का प्रावधान खत्म कर दिया गया था।
ऐसा होने पर नहीं मिलेगा ब्याज
ऐसे में अगर कोई कर्मचारी इस्तीफा देता है और नई नौकरी लेने में कामयाब नहीं हो पाता है या अपना ईपीएफ अकाउंट नई नौकरी में ट्रांसफर नहीं करा पाता है तो उसके पुराने ईपीएफ खातों में जमा धन पर ब्याज नहीं मिलेगा।
ईपीफ स्कीम में नए बदलावों के बाद अब वही अकाउंट निष्क्रिय माना जाएगा जबकि कर्मचारी 55 साल की नौकरी के बाद रिटायरमेंट लेता है या फिर हमेशा के लिए विदेश में सेटल हो जाता है।
ऐसे में निष्क्रिय मान लिया जाएगा खाता
ऐसे अकाउंट से अगर तीन साल के भीतर पैसा निकालने के लिए अप्लाई नहीं किया गया तो खाता निष्क्रिय हो जाएगा। इसके अलावा खाताधारक की मौत होने पर भी इसे निष्क्रिय माना जाएगा।
11 नवंबर से पुराने ईपीएफ अकाउंट वाले कर्मचारियों को बेकार हो चुके अकाउंट पर ब्याज मिलना शुरू हो जाएगा।
2014-15 के दौरान ईपीएफ खातों में कुल 88 हजार 723 करोड़ रुपए बतौर कर्मचारी अंशदान जमा हुआ था। दो साल पहले तकरीबन 27 हजार करोड़ रुपया गैर सक्रिय ईपीएफ अकाउंट में पड़ा है।
हालांकि, फिलहाल गैर सक्रिय अकाउंट की जानकारी जारी नहीं की गई है।
ये लोग आते हैं ईपीएफ स्कीम के तहत
ईपीएफ स्कीम को उन कर्मचारियों के लिए जरूरी बनाया गया है जिनकी मासिक तनख्वाह 15 हजार रुपए से कम है। इसमें ज्यादातर कर्मचारी कवर हो जाते हैं।
एक बार ईपीएफ खाताधारक बनने के बाद आप अचानक इसे खत्म नहीं कर सकते। 20 कर्मचारियों से कम वाली कंपनी ईपीएफओ स्कीम के तहत नहीं आती हैं।












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