मंकीपॉक्स को लेकर ICMR के शीर्ष डॉक्टर ने कही बड़ी बात, जानिए कितना खतरनाक है यह संक्रमण
नई दिल्ली, 26 मई। कोरोना वायरस की महामारी के बाद दुनिया के सामने मंकीपॉक्स का खतरा मंडरा रहा है। लेकिन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने इसको लेकर कहा है कि कोरोना की तरह मंकीपॉक्स नहीं फैलेगा, लेकिन देशभर में इसको लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है। न्यूज 18 की खबर के मुताबिक देश की सर्वोच्च स्वास्थ्य संस्था इस पूरे मामले पर करीब से नजर बनाए है और दुनियाभर में बढ़ रहे मंकीपॉक्स के मामलों की मॉनिटरिंग कर रही है साथ ही इसको रोकने के क्या संभावित विकल्प हो सकते हैं इसपर रिसर्च कर रहा है।
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12 देशों में 100 मंकीपॉक्स के मामले
दुनियाभर के 12 देशों में 100 से अधिक मंकीपॉक्स के मामले सामने आ चुके हैं, जिसकी वजह से दुनिया के सामने मंकीपॉक्स का खतरा मंडरा रहा है। दुनिया के सामने मंकीपॉक्स एक नई चुनौती के तौर पर सामने आया है। एक तरफ जहां दुनिया अभी पूरी तरह से कोरोना से उबर नहीं पाई थी तो दूसरी तरफ इस मंकीपॉक्स के संक्रमण ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। आईसीएमआर की वायरोलोजी हेड डॉक्टर निवेदिता गुप्ता ने कहा कि यह वायरस कोरोना की तरह आग जैसे नहीं फैलेगा। इस वायरस के संक्रमण को फैलने के लिए बड़े संक्रामक बूंदों की जरूरत होती है, लिहाजा यह कोरोना की तरह तेजी से नहीं फैलेगा।
क्यों नहीं कोरोना की तरह फैलेगा मंकीपॉक्स
डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि यह इस संक्रमण को फैलने के लिए संक्रामक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के संपर्क में लंबे समय तक रहना होगा, तभी यह संक्रमण आगे फैलेगा। आमने-सामने लंबे समय तक रहने पर ही यह संक्रमण फैलता है, जोकि अधिकतर मामलों में असंभव है। लिहाजा इसका प्रसार कोरोना की तरह उतनी तेजी से नहीं होगा। डॉक्टर गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया है कि यह नया वायरस नहीं है, यह पहले से ही कई अफ्रीकी क्षेत्र में मौजूद था। इस संक्रमण की रोकधाम के लिए आईसीएमआर अहम कदम उठा रहा है और इस वायरस को विदेशी करार दिया है, साथ ही इसके सभी सैंपल्स की पुणे की लैब में जांच की जा रही है।
एयरपोर्ट पर जारी निर्देश
डॉक्टर गुप्ता ने कहा कि जो भी वायरस पाए जाते हैं अगर वह भारत में नहीं हैं तो उन्हें विदेशी वायरस कहा जाता है, उनके सैंपल को नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरोलोजी पुणे में जांच के लिए भेजा जाता है। यहां पर इस बात का ध्यान रखा जाता है कि संक्रमण देश में लीक ना हो और इसका विस्तार ना हो। सभी एयरपोर्ट पर इसको लेकर निर्देश भेजे गए हैं। सभी यात्रियों के सैंपल्स को एनआईवी भेजा जाता है। फिलहाल इसके लिए हमारे पास वैक्सीन नहीं है, जो लोग पहले स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन ले चुके हैं वह इससे सुरक्षित हैं। लेकिन वैश्विक स्तर पर अभी इस संक्रमण को लेकर एक ही नीति है कि इसको लेकर सतर्कता बढ़ाई जाए, टेस्टिंग को बढ़ाया जाए। स्वास्थ्य मंत्रालय भी इस संक्रमण को लेकर गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में है। जल्द ही इस गाइडलाइन को जारी किया जा सकता है












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