पूरी तरह वैक्सीनेट हो चुके 20 फीसदी लोगों में नहीं मिली एंटबॉडी, बूस्टर डोज को मंजूरी दे ICMR- स्टडी
नई दिल्ली, सितंबर 12। भारत में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज को लेकर चर्चाएं काफी समय से चल रही हैं। कई यूरोपीय देशों में बूस्टर डोज को मंजूरी प्रदान कर दी गई है, लेकिन भारत में अभी मंजूरी का इंतजार है, लेकिन अब माना जा रहा है कि ICMR भी बूस्टर डोज को जल्द मंजूरी प्रदान कर सकता है। दरअसल, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में की गई एक क्लीनिकल स्टडी में सामने आया है कि वैक्सीन लेने वाले 20 फीसदी लोगों में कोरोना से लड़ने की एंडीबॉडी खत्म हो गई है।
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वैक्सीनेट लोगों में कम होती दिखी एंटीबॉडी
द इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भुवनेश्वर में एक रिसर्च यूनिट में काम करने वाले कर्मचारियों पर ये स्टडी की गई। स्टडी के नतीजों में सामने आया कि 23 फीसदी कर्मचारियों में एंटीबॉडी नहीं मिली। जिन कर्मचारियों पर स्टडी की गई, वो सभी वैक्सीनेट हो चुके थे। भुवनेश्वर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (ILS) के डायरेक्टर अजय परिदा ने इस स्टडी के नतीजों के बाद ये सुझाव दिया है कि जिन लोगों में वैक्सीन लगने के बाद एंटीबॉडी कम या फिर खत्म हो गई है, उन्हें बूस्टर डोज दी जाए।
शरीर में एंटीबॉडी का कौन सा लेवल है ठीक
अजय परिदा ने आगे कहा कि स्टडी के दौरान देखा गया कि कोरोना संक्रमित लोगों में एंटीबॉडी का स्तर 30,000 से 40,000 है, जबकि वैक्सीन की दोनों डोज़ लेने वाले कुछ लोगों में ये 50 से भी नीचे है। अगर एंटीबॉडी का स्तर 60 से 100 है, तो हम कह सकते हैं कि व्यक्ति एंटीबॉडी पॉजिटिव है।
आपको बता दें कि अमेरिका और रूस में बूस्टर डोज लगनी शुरू हो चुकी है। अमेरिका ने कुछ समय पहले ही बूस्टर डोज को मंजूरी दी थी, जिसके बाद 20 सितंबर से व्यस्क आबादी को बूस्टर डोज लगना शुरू होगी।












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