Cyclone Ockhi: मुंबई में भी दिख सकता है 'ओखी' का असर, एलर्ट जारी, अब तक 19 लोगों की मौत
चेन्नई/तिरुवनंतपुरम। केरल और तमिलनाडु में चक्रवात 'ओखी' ने जमकर उत्पात मचाया है, इसके कारण अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 900 से ज्यादा मछुआरों का रेस्कूयू किया गया है। हालात अभी तो नियंत्रण में हैं लेकिन आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के कुछ क्षेत्रों में ताजा भारी बारिश हुई है और दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है, इस स्थिति के चलते बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव बनने की काफी संभावना है। वैसे मौसम विभाग ने कहा था कि चक्रवात का रूख गुजरात की ओर हो गया है और ये 6 दिसंबर को सुस्त पड़ जाएगा। चक्रवात में कई लोग घायल हुए हैं और करोड़ों रुपये की संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा है।

चक्रवात का असर गुजरात और मुंबई में
ओखी चक्रवात का असर गुजरात और मुंबई के दूसरे तटीय इलाकों में दिख सकता है। इसलिए इन जगहों पर 4 और 5 दिसंबर को तेज बारिश और हवा चलने का अनुमान है इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर मुंबई मौसम विभाग ने समुद्र से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। चक्रवात के बाद मुंबई के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार, आने वाले 24 घंटों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और मुंबई और आस-पास के इलाकों में सर्दी का असर देखने को मिलेगा।

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कन्याकुमारी में प्रभावित इलाकों का दौरा किया और केंद्रीय पर्यटन मंत्री अल्फांसो कन्नाथनम ने तिरुअनंतपुरम के तटीय इलाकों में दौरा किया तथा राहत बचाव कार्यों का जायजा लिया। वायु सेना, नौसेना तथा तटरक्षक बल लगातार राहत अभियान में जुटे हैं।

राष्ट्रीय आपदा
आपको बता दें कि राज्य सरकार की ओर से कहा गया था कि ओखी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए लेकिन केंद्र ने रविवार को कहा कि केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भारी तबाही मचाने वाले चक्रवात ओखी को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया जा सकता है क्योंकि ऐसी कोई योजना नहीं है।

मुख्यमंत्री पी. विजयन
चेन्नई में राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री पी. विजयन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री अल्फोंस कन्ननथनम ने कहा कि केंद्र राज्य सरकार को पहले ही जरुरी राहत फंड दे चुका है।

बाढ़ की स्थिति
केरल के तिरुअनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, इदुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा और एर्नाकुलम क्षेत्रों में बहने वाली नदियों का जलस्तर अगले 24 घंटों में बढ़ सकता है, वहीं तमिलनाडु के कन्याकुमारी में बहने वाली नदियों के आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन रही है इसलिए प्रशासन को मुस्तैद रहने के आदेश दिए हैं।












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