हैदराबाद यूनिवर्सिटी: अब एक और मुद्दे पर आमने सामने आए ABVP-दलित संगठन
नई दिल्ली। हैदराबाद यूनिवर्सिटी में अगले हफ्ते एक बार फिर से तनाव देखने को मिल सकता है। दो साल पहले यहां के दलित छात्र रोहित वेमूला ने आत्महत्या की थी जिसके बाद यूनिवर्सिटी में काफी बवाल देखने को मिला था। अगले हफ्ते इस घटना के दो साल पूरे होने वाले हैं। लेकिन इस बीच एक बार फिर एक नए मुद्दे पर एबीवीपी और दलित संगठनों आमने सामने आते दिख रहे हैं।

ये है मामला
यह सारा मामला दो महीने पहले एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ। एबीवीपी के नेता करन पलसानिया ने दो महीने एक फेसबुक पोस्ट में हैदराबाद विश्वविद्यालय के एक दलित प्रोफेसर, लक्ष्मीनारायण के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। करन पलसानिया खुद भी हैदराबाद विश्वविद्यालय के पीएचडी के छात्र हैं। मिली जानकारी के मपताबिक करन पलसानिया विश्वविद्यालय में एबीवीपी का सीनियर नेता होने के साथ साथ नेशमल को-कन्वेनर भी हैं।

प्रोफेसर ने छात्र के खिलाफ एक्शन की मांग
जिस प्रोफेसर, लक्ष्मीनारायण के बारे में ये फेसबुक पोस्ट लिखा गया है वे बीते 30 सालों से हैदराबाद यूनिवर्सिटी में पढ़ा रहे हैं। साथ ही वे हैदराबाद यूनिवर्सिटी टीचर एसोशिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इस फेसबुक पोस्ट के अगले दिन लक्ष्मीनारायण ने इस मामले में कुलपति, अप्पा राव को लिखित शिकायत सौंपी। साथ ही उन्होंने इस मामले में छात्र के खिलाफ एक्शन लिए जाने की भी मांग की।

तो इसलिए निशाने पर प्रोफेसर?
बताया जा रहा है लक्ष्मीनारायण ने एक पेपर में छात्रों से 'शिक्षा के भगवाकरण' पर एक प्रशन पूछा था जिसके बाद करन पलसानिया ने ये फेसबुक पोस्ट लिखा था। यूनिवर्सिटी ने बुधवार को करन पलसानिया को इस मामले में अपनी बात के लिए नोटिस भेजा है। अंबेडकर स्टूडेंट एसोशिएसन ने कहा कि रोहित वेमुला के आत्महत्या के बाद प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण ने आगे आकर उसके लिए न्याय की आवाज उठाई जिसके चलते एबीवीपी ने उन्हें निशाना बनाया है।












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