Hyderabad Flyover: हैदराबाद को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, 3 नए फ्लाईओवर से व्यस्त इलाके होंगे सिग्नल फ्री
Hyderabad Flyover: हैदराबाद के व्यस्त साइबरबाद आईटी कॉरिडोर को जल्द ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है। ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (GHMC) ने गच्चीबावली के आईआईआईटी जंक्शन (IIIT Junction) पर तीन नए फ्लाईओवर के निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। यह परियोजना 'मल्टी-लेवल फ्लाईओवर्स' योजना के तहत विकसित की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर शहर का सबसे प्रमुख जंक्शन पूरी तरह सिग्नल-फ्री हो सकता है।
अभी पीक आवर्स के दौरान यहां 15 से 20 मिनट तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। GHMC का लक्ष्य इस समय को 'जीरो वेटिंग टाइम' पर लाना है। इसके लिए ग्रेड सेपरेटर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस परियोजना से फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट, सेरिलिंगमपल्ली, डीएलएफ साइबर सिटी और मेहंदीपटनम की ओर बिना किसी रुकावट के आवाजाही हो सकेगी।

Hyderabad Flyover: 3 फ्लाईओवर से कम होगा ट्रैफिक दबाव
- तीन फ्लाईओवर में पहला IIIT से फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट (विप्रो जंक्शन) को सीधे जोड़ेगा। दूसरा फ्लाईओवर मेहंदीपटनम से सेरिलिंगमपल्ली की ओर जाने वाले ट्रैफिक के लिए होगा।
- इससे कोंडापुर और बीएचईएल की दिशा में सफर आसान होगा। तीसरा फ्लाईओवर गच्चीबावली जंक्शन से डीएलएफ साइबर सिटी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराएगा।
Hyderabad Flyover: 500 करोड़ की लागत से तैयार होगा फ्लाईओवर
फरवरी 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 60% पिलर कास्टिंग का कार्य पूरा हो चुका है। अब सुपरस्ट्रक्चर के लिए सेगमेंटल लॉन्चिंग की तैयारी की जा रही है। ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए भारी मशीनरी और गर्डर लॉन्चिंग का काम रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच किया जा रहा है। इसके अलावा बिजली लाइनों और पानी की पाइपलाइन की शिफ्टिंग का 90% काम पूरा हो चुका है। इस पूरे कॉरिडोर सुधार प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹450 से ₹500 करोड़ आंकी गई है।
राज्य सरकार ने निर्माण एजेंसी को दिसंबर 2026 तक परियोजना को जनता के लिए खोलने का लक्ष्य दिया है। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट हैदराबाद के आईटी हब की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम कर देगा और शहर की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव लाएगा।












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