Ola ड्राइवर की एक गलती कंपनी पर पड़ी भारी, कस्टमर को मिला 110 गुना ज्यादा मुआवजा
हैदराबाद: आम लोगों की शिकायत होती है कि कैब बुक करने के बाद उनको कैब ड्राइवर के बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ता है, जिसकी कंपलेप्ट कई बार कैब कंपनी तक भी पहुंच चुकी है, बावजूद इसके ड्राइवर्स के बिहेवियर पर इसका कोई असर नहीं पड़ता दिखाई दे रहा, लेकिन अब इसी व्यवहार के चलते ओला को अच्छा खासा जुर्माना देना पड़ेगा। सवारी को बीच में उतारने के बाद भी ज्यादा चार्ज वसूलने पर ओला कंपनी को अब 110 गुना से ज्यादा मुआवजा देने पड़ेगा, क्या है पूरा मामला जानिए...

कैब ड्राइवर ने बीच रास्ते में उतारी सवारी
दरअसल, ओला कैब ड्राइवर ने सवारी को उसकी लोकेशन पर पहुंचाने से पहले ही रास्ते में उतार दिया गया, जिसकी शिकायत लेकर ग्राहक कंज्यूमर कोर्ट पहुंचा, जहां उसने बताया कि यात्रा पूरी करने से पहले ही ड्राइवर ने उसे कैब से उतरने के लिए मजबूर किया और मजबूरन यात्रा के लिए ज्यादा पैसे का भुगतान भी करना पड़ा।

हैदराबाद कन्जूमर कोर्ट का आदेश
जिसके बाद हैदराबाद के एक कन्जूमर कोर्ट ने ओला कैब्स को ग्राहक को एक अधूरी यात्रा के लिए ज्यादा चार्ज करने के बाद मुआवजे के रूप में 95,000 रुपए का भुगतान मुआवजे के तौर पर करने के लिए कहा है। शिकायतकर्ता जाबेज सैमुअल ने हैदराबाद जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-III से संपर्क कर हैदराबाद में ओला कैब्स से मुआवजे की मांग की थी।

861 रुपए के बदले अब मिलेंगे 95 हजार
जानकारी के मुताबिक अक्टूबर 2021 में की गई यात्रा के लिए उन्हें 861 रुपए का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि ड्राइवर ने उन्हें लगभग पांच किमी की दूरी के बाद बीच रास्ते में ही छोड़ दिया था। आयोग ने ओला कैब्स को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को 861 रुपए का ट्रिप चार्ज ब्याज के साथ (12% प्रति वर्ष) और मानसिक पीड़ा के लिए 88,000 रुपए और कानूनी खर्च के लिए 7,000 रुपए मिलाकर कुल ₹95,000 वापस करें।

19 अक्टूबर 2021 को की थी कैब बुक, लेकिन
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 35 के तहत दर्ज शिकायत में सैमुअल ने कहा कि 19 अक्टूबर 2021 को उसने चार घंटे के लिए ओला कैब्स से कैब बुक की थी। सैमुअल ने आरोप लगाया कि कैब में बैठने के बाद उन्होंने उसे गंदा पाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइवर ने एसी चालू करने से भी मना कर दिया और ड्राइवर का व्यवहार भी काफी बेरुखा था, जिसके बाद उन्हें चार से पांच किमी की यात्रा करने के बाद नीचे उतरने के लिए कहा। इसके चलते उस शिकायतकर्ता को वैकल्पिक वाहन को चुनना पड़ा और कुछ कार्यक्रमों को छोड़ना पड़ा।

बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
उन्होंने बताया कि अधूरी यात्रा के लिए 861 रुपए का भुगतान के बाद सैमुअल ने ईमेल के जरिए ओला कंपनी में शिकायत की, और एक कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव का कॉल आया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। शिकायतकर्ता ने कहा कि ओला कस्टमर केयर के अधिकारियों ने उन्हें बिल का भुगतान करने के लिए बार-बार फोन किया, जिसके बाद उन्होंने जनवरी 2022 में इसका भुगतान किया, हालांकि यात्रा की गई वास्तविक दूरी की लागत केवल 150 से 200 रुपए होनी चाहिए।

कंज्यूमर फोरम ने ओला कैब्स को दिया आदेश
शिकायत में कहा गया है कि "मानसिक पीड़ा, कठिनाई, दर्द" और शिकायतकर्ता को होने वाली अन्य असुविधाओं को देखते हुए, कंपनी का रवैया सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के बराबर है। ऐसे में अब कंज्यूमर फोरम ने ओला कैब्स को शिकायतकर्ता को 95 हजार रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।












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