तमिलनाडु और केरल ने कैसे किया कोरोना की दूसरी लहर को काबू? अन्य राज्य ले सकते हैं सीख
चेन्नई\तिरुवनंतपुरम, 25 अप्रैल। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से हड़कंप मचा हुआ है, पिछले वर्ष महामारी की पहली लहर में भी इतने बुरे हालात नहीं देखने को मिले थे। कोरोना वायरस के जारी लड़ाई में अब अस्पताल दम तोड़ रहे हैं, बेड, ऑक्सीजन और दवाई की कमी की वजह से मरीजों की मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कोविड-19 की दूसरी सुनामी के बीच तमिलनाडु और केरल से एक राहत की खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां अधिकतर राज्य केंद्र से मदद की गुहार लगा रहे हैं वहीं तमिलनाडु और केरल में स्थितियां बिल्कुल सामान्य हैं।

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहे देश के अन्य राज्यों के लिए तमिलनाडु और केरल इस संकट से उबरने में उदाहरण का काम कर रहा है। दोनों राज्यों ने पिछली बार आए कोविड संकट को गंभीरता से लेते हुए अपने पब्लिक हेल्थ सिस्टम में सुधार किया, इसके परिणाम स्वरूप महामारी की सुनामी में भी दोनों राज्यों में समान्य स्थिति है। यहां फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं दिखाई दे रही हैं जो महाराष्ट्र और दिल्ली समेत अन्य राज्यों में है।
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तमिलनाडु के सीएम ने पीएम मोदी को लिखा खत
गौरतलब है कि कोरोना वायरस ने जब भारत में दस्तक दी थी उस समय केरल में ही सबसे अधिक केस सामने आ रहे थे। इसके अलावा तमिलनाडु में कोरोना का प्रकोप पहले झेल चुका है। ऐसे में दोनों राज्यों ने कोरोना से निपटने के लिए कई तरह की पहल की। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई. पलानीस्वामी ने प्रदेश को होने वाले मेडिकल ऑक्सिजन आवंटन को लेकर पीएम मोदी को खत लिखा है। सीएम ने अपने पत्र में दावा करते हुए कहा, 'तमिलनाडु के लिए राष्ट्रीय मेडिकल ऑक्सीजन आवंटन योजना आवंटन 220 मीट्रिक टन की है। लेकिन गलत आवंटन के आधार पर 80 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन श्रीपरम्पुदूर से सीधे तमिलनाडु से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भेजा जा रहा है।'












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