#NITSrinagar: 31 मार्च को हुए मैच के बाद बिगड़ा माहौल तो अभी तक शांति नहीं
श्रीनगर। 31 मार्च को भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 वर्ल्ड कप मुंबई में जो मैच हुआ, उसके नतीजे की आग ने जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर को अभी तक झुलसा कर रखा हुआ है।
श्रीनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी एनआईटी में भारत की हार के बाद जो माहौल बना, उसने केंद्र सरकार के रवैये पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
एनआईटी में डेप्लॉयड सीआरपीएफ
यहां पर छात्रों बीच झगड़ा हुआ और झगड़ा इतना बढ़ा कि आज कैंपस में सीआरपीएफ डेप्लॉय कर दी गई है।
इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले गैर-कश्मीरी छात्रों को पीटा गया और फिर जो कुछ हुआ, उसके बारे में हर कोई जानता है। सोशल मीडिया पर इस पूरी घटना की कई फोटोग्राफ्स शेयर की जा रही हैं।
इन फोटोग्राफ्स के साथ ही कई तरह के सवाल भी पूछे जा रहे हैं। एक नजर डालिए इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी कुछ बातों पर और जानिए कि आखिर इस पूरे प्रकरण की शुरुआत कैसे हुई?

भारत की हार के साथ शुरू बवाल
मुंबई में वेस्टइंडीज के हाथों भारत को टी20 मैच में मिली शिकस्त इस सारे फसाद की जड़ है। सेमीफाइनल मैच में जैसे ही भारत को हार मिली, कश्मीरी स्टूडेंट्स इस हार का जश्न मनाने लगे। कैंपस में मौजूद गैर-कश्मीरी स्टूडेंट्स ने इस जश्न का विरोध किया।

हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
एक अप्रैल यानी पिछले शुक्रवार को कश्मीरी और गैर-कश्मीरी छात्रों के बीच झड़प हो गई जिसमें हजारों गैर-कश्मीरी स्टूडेंट्स भारत माता की जय, हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद जैसे नारे लगा रहे थे।

कश्मीरी स्टूडेंट्स ने लगाए आजादी के नारे
इस बीच कश्मीरी स्टूडेंट्स, गैर-कश्मीरी स्टूडेंट्स को जवाब देने के लिए जेएनयू के लीडर कन्हैया कुमार की तरह 'हम क्या चाहते आजादी,' यह नारा चिल्लाने लगे।

बंद किया कॉलेज
स्टूडेंट्स को हिंसक होता देख इंस्टीट्यूट अथॉरिटीज ने इंस्टीट्यूट को बंद करने का फैसला लिया ताकि माहौल न बिगड़ने पाए। सोमवार से फिर से इंस्टीट्यूट में क्लासेज शुरू हुई थीं।

गैर-कश्मीरी स्टूडेंट्स ने किया बयकॉट
मंगलवार को इंस्टीट्यूट के गैर-कश्मीरी स्टूडेंट्स ने क्लासेज का बायकॉट कर दिया और उन्होंने कॉलेज प्रशासन से मुलाकात की। मुलाकात के बाद वह इंस्टीट्यूट के मुख्य गेट की ओर मार्च करने लगे और उन्होंने इस दौरान बाहर इकट्ठा मीडिया से मुलाकात करने की भी कोशिश की।

स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज
जब स्टूडेंट्स ने मेन गेट खोलने की कोशिश की पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और फिर उन पर लाठीचार्ज किया। हजरतबल पुलिस स्टेशन के पुलिस ऑफिसर के मुताबिक पुलिस ने स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए उन्हें रोकने की कोशिशें की थीं लेकिन जब वे नहीं रुके तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया।

गृहमंत्री के कहने पर पहुंची सीआरपीएफ
इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद मंगलवार रात गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से बात की और फिर सीआरपीएफ की दो कंपनियां डेप्लॉय की गईं।

एचआरडी करेगी मामले की जांच
बुधवार को एचआरडी मिनिस्ट्री की दो सदस्यों वाली टीम यहां पर पहुंची है। टीम पूरे हालात का जायजा ले रही है। फिलहाल कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की आलोचना
इस पूरे मुद्दे के बाद सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के रवैये की आलोचना हो रही है। लोग उनसे सवाल कर रहे हैं कि जेएनयू प्रकरण पर कड़ा रुख अख्तियार करने वाली सरकार इस प्रकरण पर इतनी सुस्त क्यों है।












Click it and Unblock the Notifications