कायर था सबजार भट, 10 घंटे तक छिपा रहा और एक भी गोली चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया
जिस समय त्राल में चल रहा था एनकाउंटर उस समय 10 घंटे तक छिपा रहा था हिजबुल मुजाहिद्दीन का आतंकी सबजार भट। सेना की मानें तो एक भी गोली नहीं चला पाया था आतंकी सबजार भट।
श्रीनगर। शनिवार को इंडियन आर्मी ने त्राल में हुए एनकाउंटर में हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सबजार भट को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सबजार जिसे एके-47 के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का शौक था, दरअसल एक कायर था। सेना के सूत्रों के मुताबिक भट पूरे एनकाउंटर में एक भी गोली नहीं चला पाया था।

पत्थरबाजों का सहारा लेने की कोशिश
भट को मारने के बाद उसके एनकाउंटर से जुड़ी कई जानकारियां सामने आ रही हैं। एक इंग्लिश डेली मेल टुडे की खबर के मुताबिक 27 वर्ष का भट 10 घंटे छिपा रहा। उसमें इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह जिस एके-47 को कंधे पर लटका कर घूमता था, उससे एक गोली भी चला पाता। सिर्फ इतना ही नहीं उसने अपने मोबाइल से पत्थरबाजों को एनकाउंटर साइट पर इकट्ठा होने के लिए मैसेज भेज रहा था ताकि उसे कवर मिल सके।

टेक्निकल इंटेलीजेंस ने की मदद
सुरक्षा बलों ने टेक्निकल इंटेलीजेंस के आधार पर भट की लोकेशन का पता लगाया था। यह टेक्निकल इंटेलीजेंस जम्मू कश्मीर पुलिस की ओर से मुहैया कराई गई थी। जम्मू कश्मीर पुलिस की टेक्निकल इंटेलीजेंस से जुड़ी यूनिट्स ने पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर आतंकियों को धर-दबोचने में मदद की है।

एक घर में छिपे थे आतंकी
सूत्रों ने बताया कि पुलिस की ओर से जो इंटेलीजेंस दी गई थी उसके आधार पर इस बात की पुष्टि हुई कि सबजार के साथ एक और आतंकी जिसका नाम फैजान था वह एक साइमू गांव के घर में छिपे हुई हैं। शुक्रवार शाम को इस घर के आसपास कॉर्डन तैयार किया गया। आर्मी, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप्स और जम्मू कश्मीर पुलिस ने इलाके को घेरा हुआ था।

आतंकियों के साथ संपर्क की कोशिश
कॉर्डन के बाद ट्रूप्स की ओर से सबजार और दूसरे ए कैटेगरी के आतंकी फैजान के साथ सपंर्क करने की कोशिश की गई। आतंकियों की तरफ से किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं हुई। सेना ने मान लिया कि दोनों ही अपनी स्थिति पर कायम रहना चाहते हैं।

बड़े पैमाने पर घर में थे हथियार
भट के खात्मे के बाद जब पुलिस ने घर की तलाशी ली तो बड़े पैमाने पर एके-47 और इंसास राइफल्स सेना ने बरामद की। इसके साथ ही युद्ध के लायक हथियारों और गोला बारूद का जखीरा बरामद हुआ। सूत्रों के मुताबिक भट ने पत्थरबाजों को जरूर इकट्ठा होने का मैसेज दिया था लेकिन बड़े पैमाने पर भीड़ इकट्ठा नहीं हो पाई।

घर में लगाई गई आग फिर भी नहीं आया भट
जिस घर में भट छिपा था वहां पर हौज पाइप की मदद से पेट्रोल डाला गया और आग लगाई गई लेकिन फिर भी दोनों आतंकियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। दूसरी बार भी ऐसा ही किया गया और इस बार दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। लेकिन जब तीसरी बार आग लगाई गई तो दोनों घर से बाहर भागे और उन्होंने कॉर्डन को तोड़ने की कोशिश की। भट गोली चला पाता इससे पहले ही सेना की ओर से उस पर फायरिंग हुई और कुछ सेकेंड्स के अंदर ही दोनों ढेर हो गए।












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