करोड़ों मतदाताओं के वोट की गिनती से जुड़े रहस्य
देश में करोड़ों मतदाताओं के मतों की गिनती बड़े ही व्यवस्थित ढंग से की जाती है। इसमें कई रूल लागू होते हैं। हर कदम पर एक रूल के अनुसार आगे बढ़ते रहना होता है। अगर एक भी रूल की अनदेखी हो जाए तो पूरी गिनती फिर से करनी पड़ती है। नियमों के विपरीत जाकर होने वाली मतगणना को चुनाव आयोग अवैध ठहरा सकताह है।
किसी भी क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी मतगणना के लिए लगाई जाती है। ऐसे में चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपे गए मतणना संबन्धित काम को करते वक्त किसी भी कोताही के लिए उस समय नियुक्त अधिकारी जिम्मेदार होता है।
आइए जानते हैं ऐसी कुछ खास बातें जो मतदाताओं द्वारा डाले गए वोटों की गिनती।

निमयानुसार गिनती करने से पहले इस तरह तैयारी
Rule 55C: इस नियम के मुताबिक वोटों की गिनती करने से पहले इलेक्ट्रॉनिक मशीनों को जांचा जाता है। मतगणना अधिकारी सभी वोटिंग मशीन की जांच कर यह पता लगाते हैं कि मशीन में कोई खराबी तो नहीं और या मशीन से कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई है।

हॉल में गिने जाते हैं वोट
हॉल में टेबल लगाई जाती हैं। जिस पर मशीन को रखकर वोटों की गिनती होती है। यह टेबल 14 से ज्यादा नहीें होती हैं। हर हॉल में काफी स्पेस होता है औऱ चौदह टैबल होती हैं। जहां अधिकारियों का समूह मतों की गिनती करता है।

मतगणना बाते लीक नहीं कर सकते
मतगणना करने से पहले मतों से सम्बन्धित किसी भी महत्वपूर्ण बात को बाहर लीक करना सख्त मना होता है। इसके लिए मतगणना अधिकारियों को मतगणना अधिकारी सेक्शन 128 में दर्ज प्रावधानों को पढ़ता है। जिसके बाद मतगणना शुरू होती है।

कड़ी सुरक्षा
मतदान होने के बाद वोटिंग मशीनों को एक सुरक्षित स्थान पर बंद करके रखा जाता है। जहां पर सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं। जो लगातार वोटिंग मशीन और मतों की रखवाली करते हैं। किसी भी विपरीत परिस्थिति में जवान कड़ी सुरक्षा के लिए कदम भी उठाते हैं।

मतों की रिकॉर्डिंग
जब मतों की गणना के लिए मतगणना एजेंट और मतगणना अधिकारी हॉल में वोटों की गिनती करते हैं तो उस समय हॉल में एक एक गितविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग हो रही होती है। नियमानुसार यहां पर किसी चैनल का या जर्नलिस्ट का कैमरे से रिॉकॉर्डिंग प्रतिबंधित होती है। बस चुनाव आयोग की ओर से वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाती है।












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