जानिए कैसे तय होता है डिप्टी सीएम का नाम, कौन थे देश में पहले उपमुख्यमंत्री? कहां से हुई थी इसकी शुरुआत
भारत के पांच राज्यों में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए थे। रिजल्ट घोषित हुए और उसके बाद जनादेश पाने वाली पार्टियों ने अपने-अपने राज्य में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नामों की घोषणा की। भाजपा शासित मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में 2 लोगों को उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि तेलंगाना और मिजोरम में एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा और कितने उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे इसका फैसला कौन और कैसे करता है? क्या आपके मन में भी ये सवाल कौतूहल मचा रहा है? तो चलिए आज आपको बताते हैं कि किसी भी राज्य में उपमुख्यमंत्री पद का नाम कैसे तय किया जाता है और इसकी शुरुआत कहां से हुई। साथ ही हम आपको ये भी बताएंगे कि भारत के पहले उपमुख्यमंत्री कौन और किस राज्य के थे...

कैसे होता है उपमुख्यमंत्री पद का फैसला?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत डिप्टी सीएम को संवैधानिक दर्जा हासिल है। किसी भी राज्य में जब सरकार बनती है तो राज्यपाल उस राज्य के मुख्यमंत्री को नियुक्त करते हैं। उसके बाद मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल द्वारा राज्य के डिप्टी सीएम की नियुक्ति की जाती है।
उप मुख्यमंत्री को एक कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। डिप्टी सीएम को कैबिनेट मंत्री के बराबर वेतन और अन्य भत्ते दिए जाते हैं जो टैक्स मुक्त होते हैं। इसके साथ ही वह सरकार में अन्य विभागों को भी संभाल सकते हैं। अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि उपमुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री बड़े विभाग की जिम्मेदारी सौंपते हैं।
किसी राज्य में कितने उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं?
किसी भी राज्य की सरकार चाहे तो उपमुख्यमंत्री बना सकती है और नहीं भी। आधिकारिक तौर पर उपमुख्यमंत्री की संख्या या पद को लेकर कोई नियम नहीं है। अभी तक आंध्र प्रदेश की मौजूदा सरकार में कुल 5 डिप्टी सीएम हैं। जबकि बाकी राज्यों में 2 या 1 व्यक्ति को उपमुख्यमंत्री का पद दिया गया है। अमूमन राज्यों में ज्यादा से ज्यादा दो लोगों को डिप्टी सीएम बनाया जाता है। आंध्र प्रदेश में 5 उपमुख्यमंत्री इसका एक अपवाद हैं। किसी भी राज्य में सरकार में कुल निर्वाचित विधायकों की संख्या के एक तिहाई विधायकों को कैबिनेट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
कौन थे देश के पहले उपमुख्यमंत्री?
कांग्रेस के अनुग्रह नारायण सिंह भारत में किसी भी राज्य के डिप्टी सीएम का पद संभालने वाले पहले नेता थे। साल 1946 में उन्होंने बिहार के डिप्टी सीएम का पद संभाला था। वो 11 साल, 1946 से 1957 में अपने निधन तक इस पद पर बने रहे थे।
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