मणिपुर के हालात का जायजा लेने ग्राउंड पर उतरे अमित शाह, हिंसा प्रभावित लोगों के लिए किए बड़े ऐलान
मणिपुर में बिगड़े हालात के बीच गृहमंत्री अमित शाह ने मोरेह और कांगपोकपी का दौरा किया। साथ ही उन्होंने मैतई और कुकी समुदाय के राहत शिविरों का दौरा किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन दिनों मणिपुर के दौरे पर है। तीसरे दिन की यात्रा के दौरान अमित शाह ने मोरेह और कांगपोकपी का दौरा किया। साथ ही गृहमंत्री ने मैतई और कुकी समुदायों के राहत शिविरों का दौरा किया और उनके प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हम जल्द से जल्द मणिपुर में शांति बहाल करने और उनके घरों में वापसी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इंफाल में एक राहत शिविर का दौरा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प मणिपुर में एक बार फिर से शांति और सद्भाव को कायम करना है।
इसके साथ ही गृहमंत्री अमित शाह ने इंफाल में बड़े अफसरों के साथ हाई लेवल की मीटिंग की। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही लूटे गए हथियारों की जल्द से जल्द वापसी के कड़े निर्देश दिए।
गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि इंफाल में मणिपुर पुलिस, सीएपीएफ और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। साथ ही मणिपुर की शांति और समृद्धि हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है, उन्हें शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही अमित शाह ने चुराचंदपुर में कई आदिवासी नेताओं से मुलाकात की। वहीं, बैठक के बाद कुकी आदिवासी संठगन के आईटीएलएफ सचिव मुआन तोबिंग ने बताया कि शाह ने हमें कहा है कि एक महीने से जारी हिंसा की वजह जानने के लिए सीबीआई जांच का भरोसा दिया है।
बता दें कि मणिपुर में आदिवासियों को लेकर कुछ खास कानून हैं, जिसके तहत वे पहाड़ी इलाकों में रह सकते हैं। वहीं, मैतई समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने के कारण वो पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते हैं। जिसके लिए मैतेई समाज खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा हासिल करवाने की मांग कर रही है।
मणिपुर में 3 मई को मैतई और कुकी समुदाय में अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग के विरोध में हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में अब तक 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।












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