कोरोना काल में हॉलिडिफाई के को-फाउंडर के नाम ने बढ़ाई मुश्किल, लोगों ने लिए मजे
नई दिल्ली, 06 जनवरी। दो साल पहले जब कोरोना वायरस ने दुनिया में अपनी दस्तक दी थी तो उससे पहले यह शब्द किसी सामान्य शब्द की ही तरह था, जिसे लोग कोई खास तवज्जो नहीं देते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण के आने बाद कोरोना शब्द के मायने पूरी तरह से बदल गए हैं। लेकिन इस नाम का सबसे ज्यादा असर होलिडिफाई के सह संस्थापक कोविद कपूर पर पड़ा है। जी हां, कोरोना महामारी से पहले कोविड कपूर को कभी भी अपने नाम के चलते किसी भी तरह की मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन इस महामारी के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर अपने नाम को लेकर सफाई तक देनी पड़ गई।

साझा किया अनुभव
कोविद कपूर ने ट्विटर के अपने बायो में अपने नाम पर सफाई दी है। उन्होंने अपने बायो में लिखा मेरा नाम कोविद है और मैं वायरस नहीं हूं। हाल ही में उन्होंने विदेश यात्रा का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया था जिसके बाद उनका ट्वीट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। उन्होंने लिखा, मैंने कोविड के आने के बाद मैं पहली बार भारत से बाहर गया तो कई लोगों ने मुझे मेरे नाम की वजह से चिढ़ाया। जिसके बाद उन्होंने लिखा, भविष्य में होने वाली विदेश यात्राएं मजेदार होने वाली हैं।

बताना पड़ा नाम का अर्थ
कोविद कपूर ने अपने नाम के मतलब को बताते हुए कहा कि कोविद का अर्थ होता है बुद्धिमान या सिद्ध पुरुष, इसका जिक्र हनुमान चालीसा में भी है। जबकि कोविड संक्रमण जोकि दुनियाभर में फैला है और कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया है वह कोविड है नाकि कोविद। उनके इस ट्वीट को 3400 से अधिक लोगों ने रीट्वीट किया है जबकि 32 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। सैकड़ों लोगों ने इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, और कोविद, आपसे मिलकर अच्छा लगा।
सोशल मीडिया पर लोगों ने लिए मजे
कोविद कपूर के ट्वीट पर लोगों ने मजेदार प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कोविद जी हमेशा पॉजिटिव रहिए। यही नहीं कोविद के 30वें जन्मदिन पर उनके दोस्त ने हैप्पी बर्थडे #Covid-30 लिखवा दिया। यही नहीं स्टारबक्स पर कोविद अपना दूसरा नाम बताते हैं। वह यहां पर अपना नाम कबीर कपूर बताते हैं क्योंकि पहले एक बार स्टारबक्स ने उनके कप पर कोविद लिख दिया था, जिसके बाद उनका काफी मजाक उड़ा था।












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