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भारत से ज्यादा सख्त हैं विदेशों में हिट एंड रन लॉ, जानें कहां मिलती है कैसी और कितनी सजा?

Hit and Run: देश में अभी हिट एंड रन कानून में बदलाव को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस कानून में हालिया संसोधन के बाद देशभर में चक्काजाम कर विरोध हो रहा था। हालांकि, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और सरकार के बीच मंगलवार को दिल्ली में बैठक के बाद हड़ताल खत्म हो गया है।

सरकार ने आश्वासन दिया कि ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ चर्चा के बाद ही इन कानूनों को लागू किया जायेगा। फिलहाल इन कानूनों को लागू नहीं किया गया है। हिट एंड रन का मतलब है तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के चलते किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और फिर भाग जाना।

Hit and Run

आईपीसी की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 104 के अनुसार हिट एंड रन मामले में मृत्यु होने पर ड्राइवर को 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जिसके बाद से ही देशभर के चालाक इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। ऐसे में आइए जानते हैं कि विदेशों में हिट एंड रन कानून कैसे हैं और वहां सजा का क्या प्रावधान है? वहां का कानून इस मामले में भारत से ज्यादा सख्त है या कम?

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अमेरिका का हिट एंड रन कानून
अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में हिट एंड रन को लेकर अलग-अलग कानून हैं। वहां के कानून के हिसाब से जैसे-जैसे एक्सीडेंट में ड्राइवर की भूमिका साबित होती है और मामला गंभीर बनता है उस हिसाब से जुर्माना और सजा भी बढ़ती है। अमेरिका के ज्यादातर राज्यों में अगर ऐसे मामलों में ड्राइवर की गलती की वजह से कारण एक्सीडेंट होता है और वो इसकी जानकारी सम्बंधित अधिकारियों को नहीं देता है तो उसे जुर्माने के साथ 10 साल की जेल भी हो सकती है।

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यूएई का हिट एंड रन कानून
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में हिट एंड रन मामलों में काफी सख्ती से बरती जाती है। वहां के आर्टिकल 5 (1) के अनुसार हिट एंड रन में ड्राइवर को सबसे पहले गाड़ी से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंपने होते हैं। अगर घटनास्थल पर पुलिस मौजूद ना हो तो दुर्घटना के 6 घंटे के अंदर ड्राइवर को उसकी जानकारी पुलिस स्टेशन में देनी होती है। साथ ही अगर जानकारी देने में देर हुई तो इसकी वजह भी बतानी होती है।

यूएई में हिट एंड रन में किसी के घायल या मौत होने पर पुलिस ड्राइवर को गिरफ्तार कर सकती है। दोषी साबित होने पर जेल या 25 हजार दिरहम यानी 56 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना ड्राइवर से वसूला जा सकता है। इसके अलावा दुर्घटना के वक्त अगर ड्राइवर के अल्कोहल पीने की पुष्टि होने पर पेनाल्टी और बढ़ाई जा सकती है।

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सऊदी में हिट एंड रन कानून
सऊदी अरब में समय-समय पर हिट एंड रन के मामलों को लेकर एडवाइजरी जारी की जाती है। वहां का कानून कहता है कि एक्सीडेंट की स्थिति में मौत होने पर ड्राइवर को चार साल की जेल या उससे 44,44,353 रुपए बतौर जुर्माना वसूल किया जा सकता है। सऊदी अरब के ट्रैफिक रेग्युलेशन अमेंडमेंट के अनुसार अगर एक्सीडेंट के कारण कोई घायल होता है और उसे हॉस्पिटल ले जाया जाता है तो ड्राइवर को 2 साल की जेल और 22 हजार रुपए तक जुर्माना वसूला जा सकता है।

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कनाडा में हिट एंड रन कानून
कनाडा में हिट एंड रन के केस में यदि कोई शख्स घायल होता है तो दोषी ड्राइवर को 5 साल की जेल होगी। यदि दुर्घटना में किसी की मौत होती है तो ड्राइवर को आजीवन उम्र कैद की सजा झेलनी होती है। साथ ही साथ 1.60 लाख रुपए तक जुर्माना भी वसूला जा सकता है। इसके अलावा ड्राइवर को कई तरह की जानकारियां भी देनी होती हैं।

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ब्रिटेन में हिट एंड रन कानून
ब्रिटेन में हिट एंड रन मामले में अगर ड्राइवर मौके पर मौजूद रहता है या वो भाग जाता है इसके अनुसार ही सजा तय की जाती है। ऐसे मामले में दोषी से अनलिमिटेड फाइन भी वसूला जा सकता है। साथ ही साथ 6 महीने की जेल भी ड्राइवर को हो सकती है। ब्रिटेन में अपराध की गंभीरता के आधार पर 5 से 10 पेनल्टी पॉइंट्स तय किए जाते हैं। पेनेल्टी पॉइंट्स के आधार पर सजा कम या ज्यादा हो सकती है।

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