Malviya Nagar Fire: रेखा गुप्ता ने ₹10 लाख मुआवजे का किया ऐलान, कैसे मिलेगा पैसा? पीड़ितों से मिलने पहुंचीं CM

Malviya Nagar Fire: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी बताई जा रही है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है। इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़ित को सहायता की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। सरकार ने साफ किया है कि घायलों के इलाज में आने वाले खर्च को अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय करके आसान बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

Malviya Nagar Fire

किसे मिलेगा ₹10 लाख और किसे ₹5 लाख?

दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए विशेष आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य या गृह नगर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी सरकार की ओर से की जा रही है।

आमतौर पर ऐसे मामलों में जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन मिलकर पीड़ितों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। मृतक के निकटतम कानूनी वारिस को पहचान पत्र, संबंध से जुड़े दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड जमा करने होते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजे की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। हालांकि इस मामले में विस्तृत दिशा-निर्देश प्रशासन की ओर से अलग से जारी किए जा सकते हैं।

आखिर इतनी बड़ी त्रासदी हुई कैसे?

प्रारंभिक जांच में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार जिस गेस्ट हाउस में आग लगी, उसके पास वैध फायर एनओसी नहीं थी। बताया जा रहा है कि इमारत में सुरक्षा मानकों का भी ठीक से पालन नहीं किया गया था।

जानकारी के मुताबिक भवन में प्रवेश और निकास का केवल एक रास्ता था। कई खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर आधारित सिस्टम से संचालित होता था। आग फैलने के दौरान यही व्यवस्थाएं लोगों के बाहर निकलने में बड़ी बाधा बन गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि जिस संपत्ति को केवल छह कमरों की अनुमति मिली थी, वहां कथित तौर पर करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे। इनमें बेसमेंट के कमरे भी शामिल बताए जा रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के मुताबिक आग लगने के बाद धुआं तेजी से सीढ़ियों में भर गया। इससे लोगों का मुख्य बचाव मार्ग बंद हो गया। कुछ लोगों को डिजिटल लॉक वाले कमरों के दरवाजे खोलने में भी परेशानी हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही संपत्ति मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मालिक गिरफ्तार, मैनेजर की तलाश जारी

दिल्ली पुलिस ने गेस्ट हाउस के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस अब मैनेजर जय मिश्रा की तलाश कर रही है, जो कथित तौर पर रोजमर्रा का संचालन संभालता था। पुलिस के अनुसार वह फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

रेखा गुप्ता ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई केवल एक इमारत तक सीमित नहीं रहेगी। राजधानी में अवैध गेस्ट हाउस, बिना अनुमति चल रही व्यावसायिक संपत्तियों और फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया जाएगा।

नियम तोड़ने वाली संपत्तियों को सील करने और कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है। दिल्ली सरकार का कहना है कि इस हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी। वहीं पीड़ित परिवारों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी राहत सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता और उपचार संबंधी मदद है।

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