Gujarat News: भूपेंद्र पटेल ने प्रभावित किसानों की सहायता के लिए अब तक का सबसे बड़ा लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का ऐतिहासिक सहायता पैकेज घोषित किया
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बेमौसम बारिश के कारण भारी फसल नुकसान का सामना कर रहे गुजरात के किसानों को सहायता के लिए ₹10,000 करोड़ के ऐतिहासिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य प्रभावित फसलों के लिए समय पर सहायता और मुआवजा प्रदान करना है।
गांधीनगर, 07 नवंबर : मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में बेमौसम बारिश तथा मौसम में बदलाव के कारण उत्पन्न हुई असाधारण स्थिति में कृषि फसलों को हुए नुकसान से किसानों को तेजी से उबारने के लिए अब तक का सबसे बड़ा लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का ऐतिहासिक सहायता पैकेज घोषित किया है।

राज्य सरकार ने धरतीपुत्रों पर आन पड़ी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हर विपदा में उनके साथ पूरी सहानुभूति के साथ खड़े रहकर कृषि फसलों के नुकसान के समक्ष समय-समय पर उदारतम सहायता पैकेज दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के हितों के लिए जो अनेक कल्याणकारी कदम उठाए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल किसान हितकारी दृष्टिकोण से निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।
इस वर्ष हाल ही में हुई बेमौसम व्यापक बारिश से किसानों की खड़ी फसलों को कटाई के समय ही अधिकतम आर्थिक नुकसान झेलने की नौबत आई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उदारतम सहायता से किसानों को इस नुकसान से यथासंभव शीघ्रता से उबारने का संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया है। राज्य में अब तक दिए गए राहत सहायता पैकेज के इतिहास में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सिंचित एवं असिंचित फसलों को एक समान फसल नुकसान क्षतिपूर्ति (मुआवजा) देने का महत्वपूर्ण संवेदनशील निर्णय किया है।
राज्य के किसानों को हाल की बेमौसम बारिश से हुए फसल नुकसान के समक्ष इस निर्णय के अनुसंधान में 22 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर, प्रति हेक्टेयर दो हेक्टेयर की सीमा में सहायता राज्य सरकार देगी। कृषि फसलों को जो व्यापक नुकसान की मार झेलनी पड़ी है, उससे किसानों को तेजी से उबारने के लिए राज्य सरकार इस राहत-सहायता पैकेज अंतर्गत लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की सहायता चुकाएगी।
मुख्यमंत्री इस प्राकृतिक आपदा में लगातार किसानों की चिंता कर उनके साथ खड़े रहे हैं। इतना ही नहीं; उन्होंने उच्च स्तरीय बैठक में बेमौसम वर्षा की तबाही से प्रभावित हुए 251 तहसीलों के 16,500 से अधिक गाँवों के किसानों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण 3 दिनों में पूर्ण करने के लिए 5 हजार से अधिक टीमों को दिन-रात कार्यरत करने के दिशा-निर्देश दिए थे। इन दिशा-निर्देशों के चलते कृषि विभाग तथा सम्बद्ध विभागों एवं जिला प्रशासनों ने निरंतर तत्परता के साथ 24X7 कार्य करके फसल नुकसान का सर्वेक्षण कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने राज्य मंत्रिमंडल के मंत्रियों को वर्षा प्रभावित क्षेत्रों की स्वयं जानकारी प्राप्त करने के लिए सम्बद्ध जिलों के दौरे करने के निर्देश भी दिए थे। इन निर्देशों के चलते उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सूरत जिले, कृषि मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने भावनगर, आदिजाति विकास मंत्री नरेशभाई पटेल ने तापी, वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने जूनागढ तथा गीर सोमनाथ और राज्य मंत्री कौशिकभाई वेकरिया ने अमरेली जिले का प्रत्यक्ष दौरा किया और मौके पर नुकसान की जानकारी प्राप्त कर मुख्यमंत्री को विवरण दिया।
मुख्यमंत्री स्वयं भी गीर सोमनाथ तथा जूनागढ जिलों के प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचे और उन्होंने धरतीपुत्रों की व्यथा संवेदनशीलता के साथ सुनकर उन्हें सांत्वना दी थी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के मंत्रियों सर्वजीतूभाई वाघाणी, ऋषिकेशभाई पटेल, कुँवरजीभाई बावळिया, अर्जुनभाई मोढवाडिया तथा रमणभाई सोलंकी के साथ बैठक आयोजित कर इन समग्र विवरणों की विस्तृत समीक्षा की तथा विचार-विमर्श किया। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी तथा वित्त मंत्री कनुभाई देसाई भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में सहभागी हुए।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य सरकार ने व्यापक नुकसान से प्रभावित हुए धरतीपुत्रों के साथ आकर राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का भारी सहायता पैकेज देने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा घोषित यह उदारतम सहायता पैकेज प्रभावित किसानों को आर्थिक नुकसान से तेजी से उबार कर पूर्ववत होने में उपकारी सिद्ध होगा।












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