यहां मुसलमान परिवारों के साथ हिंदू भी रखेंगे रोजा, साथ करेंगे सहरी और इफ्तारी
लखनऊ। आपसी भाईचारें का संदेश देने वाला रमजान का पाक महीना शुरु हो गया है। एक तरफ जहां देश और दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की तैयारी कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ भारत में योग को लेकर छिड़े विवाद को रमजान का महीना कुछ हद तक खत्म करने की ओर बढ़ रहा है।[जानिये रमजान माह में किन-किन चीजों से मिलता है सवाब]
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में हिंदु परिवारों ने रमजान माह में अपने पड़ोसी मुसलमान परिवारों के साथ रोजा रखना शुरु कर दिया है। यहां बुंदेली समाज के कोऑर्डिनटर तारा पाटकर ने कहा कि हमने अपने मुसलमान भाइयों के साथ उदल चौक क्रॉसिंग पर सहरी और इफ्तारी करने का फैसला लिया है। तारा ने कहा कि हम 60 लोगों का हिंदू परिवार मुसलमान भाइयों के साथ रोजा रखने और उनके साथ ही इफ्तारी और सहरी करेन का फैसला लिया है।
पाटकर ने कहा कि इस कदम से दो उद्देश्य सफल होंगे एक तरफ जहां धार्मिक सद्भाव का संदेश फैलेगा तो वहीं दूसरी तरफ हम महोबा में एम्स की स्थापना के लिए भी अभियान शुरु करेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं प्रशासन इसे सकारात्मक कदम मानते हुए इस ओर कदम बढ़ाये।
पाटकर ने कहा कि महोबा में बिना किसी जाति और धर्म के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवायें मुहैया करानी चाहिए। महोबा-एम्स अभियान के लिए प्रधानमंत्री मोदी को 18 अलग-अलग भाषाओं में 1 लाख से अधिक पत्र लिखे गये हैं।
इस अभियान के तहत मुसलमान बच्चों ने संस्कृत में पत्र लिखे हैं तो वहीं हिंदू बच्चों ने उर्दू में पत्र लिखे हैं। इसके साथ ही सिंधी, पंजाबी, मलयालम सहित कई भाषाओं में पत्र लिखे गये है।













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