हिंदू AAP नेता कौन थी? शादीशुदा मुस्लिम लिव-इन पार्टनर ने गर्भपात कराया-यूट्रेस निकलवाया! 9 माह दर्द झेलते मौत
Rajkot AAP Leader Nandini Bosmiya Death: गुजरात के राजकोट में 21 साल की नंदिनी बोसमिया की मौत ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। नंदिनी, जो आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर 2025 के जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका चुनाव लड़ चुकी थीं, अपने किराए के फ्लैट में संदिग्ध अवस्था में मृत मिली।
परिवार ने इसे हत्या बताया है और उनके लिव-इन पार्टनर असलम हुसैन समा (शादीशुदा) और उसके परिवार पर लगातार मानसिक, शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। महिला आयोग ने भी रिपोर्ट मांगी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे 9 माह तक झेलती रही टॉचर्र...

Nandini Bosmiya Death Reason: घटना क्या हुई?
22 जून 2026 की शाम राजकोट के गोंडल चौकड़ी के पास आगमन रेजीडेंसी (या आगमान रेजीडेंसी) के फ्लैट नंबर 501 में नंदिनी का शव मिला। परिवार को जब फोन पर संपर्क नहीं हुआ तो, उनके मुंह बोले भाई रवि जोशी को भेजा गया। फ्लैट का मुख्य दरवाजा बंद नहीं था। परिवार का दावा है कि शव देखने पर गर्दन, हाथों और चेहरे पर चोट के निशान थे, कमरा अस्त-व्यस्त था, जो हाथापाई का संकेत देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि असलम ने हत्या कर घटनास्थल को खुदकुशी जैसा बनाने की कोशिश की।

मृत्यु से पहले नंदिनी ने पिता को भावुक संदेश लिखा। इसमें लिखा कि पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई। यह संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने शुरुआत में अननेचुरल डेथ केस दर्ज किया। फॉरेंसिक पोस्टमॉर्टम कराया गया। असलम और उसके एक रिश्तेदार की तलाश चल रही है। उनके फोन स्विच ऑफ बताए जा रहे हैं।
Who Was Nandini Bosmiya: नंदिनी बोसमिया कौन थीं?

नंदिनी जेतपुर (नवागढ़) की रहने वाली थीं। उनके पिता आनंदभाई बोसमिया AAP कार्यकर्ता हैं। नंदिनी ने 2025 के नगरपालिका चुनाव में AAP टिकट पर वार्ड नंबर 1 से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। वे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में काम करती थीं। परिवार उन्हें महत्वाकांक्षी, पढ़ी-लिखी और राजनीति में सक्रिय युवा बताता है।
पेट पर लात मारकर गर्भपात कराया, यूट्रेस निकलवाया

बहन रूपल बोसमिया ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 के आसपास बहन नंदिनी घर छोड़कर असलम के साथ लिव-इन में रहने चली गई। लेकिन, उसको क्या बता था कि उसके नसीब में दर्द ही दर्द अब सहने को मिलेगा। लिव-इन रहने के दौरान नंदिनी गर्भवती हो गई थी, असलम ने उसे पेट में इतना मारा कि उसका गर्भपात हो गया। बहन की हालत इतनी खराब हो गई कि डॉक्टरों को उसका यूट्रेस निकालना पड़ा। पिछले कुछ महीनों में नंदिनी परेशान रहती थी। लगातार टॉर्चर, झगड़े। मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न।

असलम ने नंदिनी के सोने-चांदी के गहने गिरवी रख दिए। करीब 5 महीने पहले जूनागढ़ में असलम की पत्नी और रिश्तेदारों ने नंदिनी पर चाकू से हमला किया। जूनागढ़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज है। असलम दो दिन पहले चला गया था, फिर फोन पर बात की। परिवार का कहना है कि नंदिनी रिश्ता तोड़कर नौकरी करने और घर लौटने की सोच रही थी, लेकिन तनाव के कारण असमर्थ रही।
Who Is Aslam Hussain Sama: असलम हुसैन समा कौन है?
असलम जूनागढ़ का रहने वाला है। शादीशुदा, एक बेटे का पिता। नंदिनी के साथ लगभग एक साल से रिश्ता और पिछले 9 महीने से लिव-इन। परिवार के अनुसार, वह नियमित रूप से अपनी पहली पत्नी से मिलता जाता था, जिससे झगड़े होते थे। पुलिस असलम को पूछताछ के लिए ढूंढ रही है।
भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने X पर पोस्ट कर मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। उन्होंने परिवार के आरोपों को दोहराया और इसे 'दिल दहला देने वाली त्रासदी' बताया। AAP की ओर से अब तक आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। मामले ने महिला सुरक्षा, लिव-इन रिलेशनशिप, इंटरफेथ रिलेशनशिप और युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
क्या कहती है पुलिस?

पुलिस ने कहा कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होगी। फॉरेंसिक रिपोर्ट निर्णायक होगी। नंदिनी बोसमिया की मौत एक युवा जीवन की अनमोल क्षति है। परिवार का दर्द समझा जा सकता है। लेकिन न्याय के लिए सबूतों का इंतजार जरूरी है। अगर उत्पीड़न साबित हुआ तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।













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