वंशवाद की राजनीति पर क्या बोले राहुल गांधी? हिमंत बिस्वा सरमा ने कह दिया 'अनपढ़ बच्चा'
मिजोरम में वंशवाद की राजनीति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनपर जोरदार पलटवार किया है। असम के सीएम ने राहुल के बारे में कहा है कि उन्हें राजनीति का जरा भी ज्ञान नहीं हैं और उन्हें 'अनपढ़ बच्चा' बता दिया है।
दरअसल, मंगलवार को राहुल गांधी ने मिजोरम में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान गृहमंत्री अमित शाह के बेटे के बीसीसीआई की पद पर होने को लेकर इसे वंशवादी राजनीति से जोड़ दिया था। उन्होंने उदाहरण के तौर पर केंद्र सरकार के कुछ और मंत्रियों के भी नाम लिए थे।

राहुल ने अमित शाह के बेटे को बताया था वंशवादी
जब प्रेस कांफ्रेंस में राहुल से वंशवाद और परिवारवाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था, 'अमित शाह का बेटा क्या करता है? वास्तव में वह क्या कर रहा है? राजनाथ सिंह (रक्षा मंत्री) का बेटा क्या करता है? पिछली बार मैंने सुना था कि अमित शाह का बेटा भारतीय क्रिकेट चलाता है। बीजेपी नेताओं को देखिए और खुद से सवाल पूछिए कि उनके बच्चे क्या कर रहे हैं? उनके कई बच्चे वंशवादी हैं....'
गौरतलब है कि गृहमंत्री शाह के बेटे जय शाह बीसीसीआई के सचिव और एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष हैं। जबकि, राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह यूपी में नोएडा से बीजेपी विधायक हैं। राहुल गांधी के इसी जवाब पर सरमा ने उनपर पलटवार किया है।
'राहुल के बारे में मुझसे ज्यादा मत पूछिए, वह एक 'अनपढ़ बच्चा' हैं'
असम के सीएम ने कहा है, 'अमित शाह के बेटे इसमें कैसे आ गए? वे बीजेपी में नहीं हैं, लेकिन राहुल गांधी का पूरा परिवार राजनीति में है। राहुल सोचते हैं कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) बीजेपी की एक इकाई है। उनके बारे में मुझसे ज्यादा मत पूछिए, वह एक 'अनपढ़ बच्चा' हैं।'
नए लोगों को मौका देकर वंशवादी राजनीति पर बोलें राहुल- असम सीएम
सरमा ने ये भी कहा कि 'क्या राजनाथ सिंह के बेटे जो यूपी में सिर्फ एक एमएलए हैं, उनकी तुलना प्रियंका गांधी (कांग्रेस महासचिव) से की जा सकती है? क्या वह बीजेपी को कंट्रोल करते हैं?' वे बोले कि राहुल गांधी को नए लोगों को मौका देना चाहिए फिर वंशवादी राजनीति के बारे में बात करनी चाहिए।
'राहुल को राजनीति की जानकारी नहीं है'
असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि 'राहुल को राजनीति की जानकारी नहीं है और उन्हें इस बात का अहसास नहीं है कि वे वंशवाद की राजनीति के केंद्र में हैं। एक परिवार- मां, पिता, नाना, बहन, भाई सभी राजनीति में हैं और पार्टी को नियंत्रित कर रहे हैं। लेकिन, वे बीजेपी में उसका समानांतर कैसे देख सकते हैं?'
असल में इसी महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना की एक सभा में कांग्रेस और बीआरएस पर परिवारवाद की राजनीति को लेकर निशाना साधा था। जब उसी पर मिजोरम में राहुल से पत्रकारों ने पूछ लिया तो उन्होंने गृहमंत्री समेत अन्य केंद्रीय नेता की ओर मुद्दे को घुमाने की कोशिश की थी। (इनपुट-पीटीआई)












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