Himanta Biswa Sarma News: असम के सीएम का डेमोग्राफी को लेकर दावा, 'बांग्लादेशी मुस्लिमों की आबादी 40%'
Himanta Biswa Sarma News: असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा बांग्लादेश से होने वाले घुसपैठ पर बेहद सख्त रुख रखते हैं। उन्होंने एक बार फिर डेमोग्राफी में बदलाव और घुसपैठिये मुद्दे पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि अगली जनगणना में असम की डेमोग्राफी के लिहाज से चिंताजनक आंकड़े सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की आबादी में बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से असम में डेमोग्राफिक बदलाव देखने को मिल रहा है। असम चुनाव में इस बार बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा छाया हुआ है। सीएम सरमा इसके खिलाफ लगातार बयानबाजी करते रहते हैं।

Assam Election में डेमोग्राफी और घुसपैठिया बड़ा मुद्दा
असम के सीएम लगातार दोहराते रहे हैं कि घुसपैठियों को चुन-चुनकर निकाला जाएगा। इसके लिए डिटेंशन सेंटर भी तैयार किए गए हैं। उन्होंने सख्त एक्शन लेने की बात भी दोहराई है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की आबादी तेजी से बढ़ी है। इसका असर राज्य की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर पड़ रहा है।
Himanta Biswa Sarma News: सीएम का जनगणना को लेकर दावा
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि आगामी जनगणना असम के लिए और भी बुरी खबर लेकर आएगी। सीएम ने कहा कि अगर मौजूदा जनसंख्या वृद्धि दर बनी रही, तो बांग्लादेशी मुसलमानों की संख्या राज्य की कुल आबादी का लगभग 40 प्रतिशत हो सकती है। इससे पहले भी सरमा यह कह चुके हैं कि वर्ष 2041 तक असम में मुसलमानों की आबादी हिंदुओं के लगभग बराबर हो जाएगी।
2011 की जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि उस समय असम की कुल आबादी 3.12 करोड़ थी, जिसमें करीब 34.22 प्रतिशत मुसलमान और 61.47 प्रतिशत हिंदू थे।
Himanta Biswa Sarma ने संदिग्ध वोटरों पर कार्रवाई का दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया (SIR) को पूरा करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाएगी। सीएम ने अवैध वोटरों को चेतावनी देते हुए कहा, 'संदिग्ध मियां के नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया चलाई जाएगी। इसके लिए सभी विधायकों और बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) मिलकर काम करेंगे।'
सरमा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कार्रवाई किसी पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं है। अगर कांग्रेस या किसी अन्य दल को लगता है कि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से हटाया गया है, तो वे चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
2027 में होगी जनगणना
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को दो चरणों में कराने की घोषणा की है। पहले चरण में अप्रैल से सितंबर 2026 तक हाउस लिस्टिंग की जाएगी, जबकि फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी। यह जनगणना पहले 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण टाल दी गई थी।












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