Dharamsala Student Dies: 'गलत तरीके से छूते और छाती...', रैगिंग-यौन उत्पीड़न के बाद छात्रा की मौत, 4 पर FIR
Himachal Pradesh Dharamsala Student Dies: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। सरकारी डिग्री कॉलेज की 19 साल की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद रैगिंग, शारीरिक मारपीट और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने कॉलेज प्रोफेसर अशोक कुमार और तीन सीनियर छात्राओं हर्षिता, आकृति और कोमोलिका पर मामला दर्ज किया है।
मौत से पहले छात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने प्रोफेसर पर बद्तमीजी और छूने के आरोप लगाए। यह मामला कॉलेज कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल उठा रहा है। आइए, इस जानते हैं पूरा मामला, आरोप क्या हैं, जांच की स्थिति और सोशल मीडिया पर उठी आवाजें...

Dharamsala Student Dies Timeline: क्या हुआ था? घटना की पूरी टाइमलाइन
- 2024: छात्रा ने धर्मशाला गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज में BA फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया। फर्स्ट ईयर की परीक्षा में फेल होने के बाद कॉलेज जाना बंद कर दिया। 21 अगस्त 2025 को कॉलेज रोल से नाम कट गया।
- 18 सितंबर 2025: आरोप है कि तीन सीनियर छात्राओं (हर्षिता, आकृति, कोमोलिका) ने रैगिंग के दौरान छात्रा की पिटाई की और धमकाया। उसी दौरान प्रोफेसर अशोक कुमार पर अश्लील हरकतें करने और यौन उत्पीड़न का आरोप। छात्रा ने विरोध किया तो धमकियां मिलीं। इसके बाद छात्रा मानसिक तनाव और डिप्रेशन में चली गई। स्वास्थ्य बिगड़ता गया, कई अस्पतालों में भर्ती।
- 26 दिसंबर 2025: लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत।
- 1 जनवरी 2026: पिता ने धर्मशाला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। FIR दर्ज।
- 2 जनवरी 2026: मामला वायरल, जांच तेज।
पिता का कहना है कि सदमे और बेटी की बीमारी की वजह से पहले शिकायत नहीं कर सके। 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, लेकिन एक्शन नहीं हुआ।
वायरल वीडियो: मौत से पहले छात्रा ने खोले राज
मामला तब और गंभीर हो गया, जब छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अस्पताल के बेड पर रिकॉर्ड इस वीडियो में छात्रा ने कहा कि प्रोफेसर अशोक कुमार 'अजीब-अजीब हरकतें करते थे', गलत तरीके से छूते थे, छाती की तरफ इशारा करते थे। विरोध करने पर धमकियां मिलीं। तीन छात्राओं ने पिटाई की और डराया। यह वीडियो हजारों शेयर्स के साथ वायरल हुआ, जिसने जनआक्रोश बढ़ा दिया। ABVP और अन्य छात्र संगठनों ने न्याय की मांग की।
पुलिस एक्शन और कानूनी धाराएं
- कांगड़ा SP अशोक रतन ने कन्फर्म किया कि FIR दर्ज हो गई है।
- धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 75 (यौन उत्पीड़न), 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 3(5) (सामान्य इरादा)।
- रैगिंग एक्ट: हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3।
- जांच: मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो सबूत, गवाहों के बयान जांचे जा रहे। सभी आरोपों की गहन पड़ताल।
प्रोफेसर अशोक कुमार ने आरोपों से इनकार किया है। कॉलेज प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने कहा कि कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी, लेकिन पुलिस को पूरा सहयोग। कुछ रिपोर्ट्स में जातीय भेदभाव का भी जिक्र, लेकिन पुलिस ने कन्फर्म नहीं किया।
कॉलेज कैंपस में सुरक्षा पर सवाल
यह घटना रैगिंग और यौन उत्पीड़न के खिलाफ सख्त कानूनों के बावजूद हो रही घटनाओं को उजागर करती है। UGC और राज्य रैगिंग एक्ट हैं, लेकिन ग्राउंड लेवल पर लागू कैसे हो? ABVP की नैन्सी अटल ने कहा, 'आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।' दलित संगठनों ने भी जातीय एंगल की जांच मांगी।
छात्रा की मौत ने हिमाचल से लेकर देशभर में आक्रोश पैदा किया है। पुलिस जांच जारी है, लेकिन परिवार को न्याय कब मिलेगा? यह मामला कॉलेजों में एंटी-रैगिंग कमेटी और महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल है।












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